केंद्र सरकार की रिपोर्ट:प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना ज्यादा, राज्यों में पंजाब के बाद दूसरा स्थान राजस्थान का

केंद्र सरकार की रिपोर्ट:प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना ज्यादा, राज्यों में पंजाब के बाद दूसरा स्थान राजस्थान का

प्रदेश में कृषि के साथ पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने में कारगर साबित हे रहा है। राजस्थान में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार जहां भारत का दूध उपलब्धता में राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम प्रति दिन है। जबकि राजस्थान में यह आंकड़ा बढ़कर 1171 ग्राम प्रति दिन पहुंच गया है। अन्य राज्यों की तुलना में जहां पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति उपलब्धता 450 ग्राम और मध्य प्रदेश में 673 ग्राम है। वहीं राजस्थान 1171 ग्राम के साथ, पंजाब 1271 ग्राम के साथ देश के शीर्ष राज्यों में शुमार है। यह उपलब्धि 15 वर्षों में मिली है। जहां वर्ष 2009-10 में राज्य में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 509 ग्राम थी। वहीं, 2013-14 तक आंकड़ा 572 ग्राम तक पहुंचा। इसके अगले साल यह 645 ग्राम हुआ और 2018-19 तक 850 ग्राम के स्तर को छू लिया। जबकि हाल ही के पांच वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2019-20 में 904 ग्राम से बढ़कर 2021-22 में एक किलो का आंकड़ा पार किया। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अब उपलब्धता 1171 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के स्तर पर है। कई जिलों में पशुधन की संख्या और उत्पादन इतना है कि यह राज्य के औसत से भी ज्यादा है। इनमें जैसलमेर में सर्वाधिक लगभग 1650 ग्राम है। इसी तरह बीकानेर में 1580 ग्राम, बाड़मेर में 1450 ग्राम, जोधपुर में 1320 ग्राम, नागौर में 1280 ग्राम और हनुमानगढ़ में 1210 ग्राम के साथ राज्य के औसत से भी ऊपर वाले जिलों की श्रेणी में है। जबकि कम औसत वाले जिलों में बारां में 580 ग्राम, राजसमंद में 550 ग्राम, सिरोही में 520 ग्राम, उदयपुर में 500 ग्राम, प्रतापगढ़ में 460 ग्राम, बांसवाड़ा में 430 ग्राम व डूंगरपुर में सबसे कम लगभग 410 ग्राम प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, अजमेर, सीकर, झुंझुनूं, पाली अधिक उत्पादन वाले जिलों में शामिल है। यहां भी दूध की उपलब्धता राज्य के औसत के आसपास है। जबकि भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, टोंक, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, कोटा, बूंदी और झालावाड़ आदि जिलों में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 600 ग्राम से 900 ग्राम है। राज्य में दूध उत्पादन में हर वर्ष बढ़ोतरी दर्ज हुई राजस्थान में दूध का उत्पादन बढ़ रहा है। वर्ष 2001-02 में उत्पादन 7758 हजार टन था लेकिन दो दशकों की निरंतर वृद्धि के बाद 38 हजार टन के स्तर पर पहुंच गया है। इस दौरान उत्पादन में लगभग 5 गुना की बढ़ोतरी हुई है और उत्पादन में राज्य पहले पायदान पर है। वहीं, उत्तर प्रदेश करीब 35 हजार टन के साथ दूसरे स्थान पर है। मध्य प्रदेश तीसरे, गुजरात चौथे और आंध्र प्रदेश पांचवें पायदान पर है। राज्य में पशु नस्ल सुधार और पशुपालकों को बिना ब्याज ऋण सुविधा से भी पशुपालन को बढ़ावा मिल रहा है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *