सहरसा में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान सहरसा नगर निगम के डीबी रोड, वार्ड संख्या 17 निवासी अमर ने भूमि माफियाओं पर जाली दस्तावेजों के सहारे अपना मकान हड़पने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। अमर ने बताया कि उनके आवासीय मकान पर कुछ भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया है। वे फर्जी कागजात के आधार पर इसे अपनी संपत्ति बताने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित अमर के अनुसार, उन्होंने न्याय के लिए सिविल कोर्ट का रुख किया था। न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक वास्तविक न्याय नहीं मिल पाया है। कोर्ट के आदेश के बाद भी भूमि माफियाओं ने कब्जा नहीं छोड़ा है, जिससे अमर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। जनता दरबार में अपनी बात रखते हुए अमर ने प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्रेयांश तिवारी और सदर एसडीपीओ आलोक कुमार को न्यायालय के आदेश के आलोक में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने पीड़ित को आश्वासन दिया कि कोर्ट के आदेश की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 95 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें मुख्य रूप से भूमि विवाद, भूमि मापी में देरी, अतिक्रमण, रास्ता विवाद, आवास हेतु भूमि आवंटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े मामले शामिल थे। निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन से संबंधित समस्याएं और अन्य विविध विषय भी प्रस्तुत किए गए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अंचलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर एवं सिमरी बख्तियारपुर), एसडीपीओ , जिला शिक्षा पदाधिकारी और सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को त्वरित और उचित निष्पादन के निर्देश दिए। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने दोहराया कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सहरसा में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान सहरसा नगर निगम के डीबी रोड, वार्ड संख्या 17 निवासी अमर ने भूमि माफियाओं पर जाली दस्तावेजों के सहारे अपना मकान हड़पने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। अमर ने बताया कि उनके आवासीय मकान पर कुछ भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया है। वे फर्जी कागजात के आधार पर इसे अपनी संपत्ति बताने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित अमर के अनुसार, उन्होंने न्याय के लिए सिविल कोर्ट का रुख किया था। न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक वास्तविक न्याय नहीं मिल पाया है। कोर्ट के आदेश के बाद भी भूमि माफियाओं ने कब्जा नहीं छोड़ा है, जिससे अमर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। जनता दरबार में अपनी बात रखते हुए अमर ने प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्रेयांश तिवारी और सदर एसडीपीओ आलोक कुमार को न्यायालय के आदेश के आलोक में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने पीड़ित को आश्वासन दिया कि कोर्ट के आदेश की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 95 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें मुख्य रूप से भूमि विवाद, भूमि मापी में देरी, अतिक्रमण, रास्ता विवाद, आवास हेतु भूमि आवंटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े मामले शामिल थे। निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन से संबंधित समस्याएं और अन्य विविध विषय भी प्रस्तुत किए गए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अंचलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर एवं सिमरी बख्तियारपुर), एसडीपीओ , जिला शिक्षा पदाधिकारी और सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को त्वरित और उचित निष्पादन के निर्देश दिए। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने दोहराया कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।


