भागलपुर में 9 नाबालिग छात्रा 9 दिनों से लापता है। इस मामले में पुलिस ने उसकी दोस्त को पकड़ा है। साथ ही उससे पूछताछ कर रही है। सहेली पर आरोप था कि सितंबर महीने में गायब हुई लड़की को उसने ही मानव तस्करी गैंग के चंगुल में दिया था। हालांकि लड़की के माता-पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस जबरन बेटी को फंसा रही है। थाने में धमकाया भी गया है। मामला बबरगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, दरअसल, दो छात्रा पिछले 8 दिन से लापता है। उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सितंबर के महीने में लापता हुई दूसरी लड़की के परिजनों ने अपनी आपबीती बताई। इसके बाद मानव तस्करी से जोड़कर पूरे घटना कम को देखा जा रहा है। मामले में पुलिस सक्रिय हुई है और इसकी जांच चल रही है। दरअसल, 9 दिनों से 2 नाबालिग छात्रा लापता है। उसकी दोस्त पर दोनों के अपहरण में मदद करने का आरोप है। जिसे आज पुलिस ने पकड़ लिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी छात्रा के पिता को हिरासत में लिया था। दूसरी ओर दोनों के साथ पढ़ने वाली एक स्टूडेंट का बयान सामने आया है। जिसने कहा है कि बर्थ-डे में बुलाने के बहाने उसकी दोस्त ने उसे भी 3 महीने पहले बेचने की कोशिश की थी। 2 सहेली ने उसे एक गिरोह को बेच दिया लड़की का कहना है कि उसके साथ मारपीट हुई। उसे किडनी बेचने की धमकी दी गई और उसे बेचने की भी कोशिश की गई। मामला बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत वारसलीगंज और अलीगंज का है। लड़कियों के परिजनों ने थाने में मामला दर्ज कराया है। एक पीड़िता की आपबीती सामने आई है। इससे मानव तस्करी और गिरोह के सक्रिय होने की आशंका गहराती जा रही है। दसवीं कक्षा की स्टूडेंट ने बयान दिया है। उसने बताया है कि सितंबर महीने में उसकी 2 सहेली ने उसे एक गिरोह को बेच दिया था। लड़की के अनुसार, उसे ट्रॉफी में नशीला पदार्थ पिला कर बेहोश कर दिया गया और फिर कहा कि चलो एक फंक्शन है। मेरी मौसी के पास स्टेशन चलो। बदमाशों ने बंद कमरे में लड़की को रखा लड़की ने बताया कि पहले उसे स्टेशन पर चार महिलाओं के हवाले किया गया। वहां नशे वाली चीज खिलाई गई। वे महिलाएं उसे लेकर ट्रेन से लेकर पटना पहुंचीं, जहां दो युवक भी उनके साथ जुड़ गए। उसे सूंघने वाला नशा देकर उत्तर प्रदेश के किसी शहर में ले जाया गया। वहां एक बंद कमरे में रखा गया, जहां पहले से आठ अन्य लड़कियां मौजूद थीं। शोर मचाने पर किडनी निकाल कर बेचने की धमकी पीड़िता के अनुसार, उसे एक कमरे में बांध कर रखा गया। कमरे में उसे नियमित रूप से सूइयां दी जाती थीं। मारपीट की जाती थी और धमकी दी जाती थी कि अगर शोर मचाया तो किडनी निकाल कर बेच दिया जाएगा। किसी तरह मौका पाकर मैं अन्य लड़की के साथ भाग गई और अपनी जान बचाई। जब वहां पर रहने वाली 4 आंटी बाहर निकली थी। फिर मैंने 8 लड़कियों के हाथ और पैर खोले। फिर हम सब मिल कर वहां से भाग गए थे। एक भइया ने वहां से भागने में मदद की थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद लड़की की मां और भाई ने महेशपुर की रहने वाली छात्रा के पिता से मुलाकात कर पूरी कहानी बताई। दूसरी लड़की के पिता ने डीएसपी टू राकेश कुमार से बात की। डीएसपी ने मामले को गंभीर बताते हुए जल्द मिलने के लिए बुलाया है। वारसलीगंज और महेशपुर से लापता दो छात्राओं को लेकर परिजन दहशत में हैं। DSP राकेश का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भागलपुर में 9 नाबालिग छात्रा 9 दिनों से लापता है। इस मामले में पुलिस ने उसकी दोस्त को पकड़ा है। साथ ही उससे पूछताछ कर रही है। सहेली पर आरोप था कि सितंबर महीने में गायब हुई लड़की को उसने ही मानव तस्करी गैंग के चंगुल में दिया था। हालांकि लड़की के माता-पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस जबरन बेटी को फंसा रही है। थाने में धमकाया भी गया है। मामला बबरगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, दरअसल, दो छात्रा पिछले 8 दिन से लापता है। उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सितंबर के महीने में लापता हुई दूसरी लड़की के परिजनों ने अपनी आपबीती बताई। इसके बाद मानव तस्करी से जोड़कर पूरे घटना कम को देखा जा रहा है। मामले में पुलिस सक्रिय हुई है और इसकी जांच चल रही है। दरअसल, 9 दिनों से 2 नाबालिग छात्रा लापता है। उसकी दोस्त पर दोनों के अपहरण में मदद करने का आरोप है। जिसे आज पुलिस ने पकड़ लिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी छात्रा के पिता को हिरासत में लिया था। दूसरी ओर दोनों के साथ पढ़ने वाली एक स्टूडेंट का बयान सामने आया है। जिसने कहा है कि बर्थ-डे में बुलाने के बहाने उसकी दोस्त ने उसे भी 3 महीने पहले बेचने की कोशिश की थी। 2 सहेली ने उसे एक गिरोह को बेच दिया लड़की का कहना है कि उसके साथ मारपीट हुई। उसे किडनी बेचने की धमकी दी गई और उसे बेचने की भी कोशिश की गई। मामला बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत वारसलीगंज और अलीगंज का है। लड़कियों के परिजनों ने थाने में मामला दर्ज कराया है। एक पीड़िता की आपबीती सामने आई है। इससे मानव तस्करी और गिरोह के सक्रिय होने की आशंका गहराती जा रही है। दसवीं कक्षा की स्टूडेंट ने बयान दिया है। उसने बताया है कि सितंबर महीने में उसकी 2 सहेली ने उसे एक गिरोह को बेच दिया था। लड़की के अनुसार, उसे ट्रॉफी में नशीला पदार्थ पिला कर बेहोश कर दिया गया और फिर कहा कि चलो एक फंक्शन है। मेरी मौसी के पास स्टेशन चलो। बदमाशों ने बंद कमरे में लड़की को रखा लड़की ने बताया कि पहले उसे स्टेशन पर चार महिलाओं के हवाले किया गया। वहां नशे वाली चीज खिलाई गई। वे महिलाएं उसे लेकर ट्रेन से लेकर पटना पहुंचीं, जहां दो युवक भी उनके साथ जुड़ गए। उसे सूंघने वाला नशा देकर उत्तर प्रदेश के किसी शहर में ले जाया गया। वहां एक बंद कमरे में रखा गया, जहां पहले से आठ अन्य लड़कियां मौजूद थीं। शोर मचाने पर किडनी निकाल कर बेचने की धमकी पीड़िता के अनुसार, उसे एक कमरे में बांध कर रखा गया। कमरे में उसे नियमित रूप से सूइयां दी जाती थीं। मारपीट की जाती थी और धमकी दी जाती थी कि अगर शोर मचाया तो किडनी निकाल कर बेच दिया जाएगा। किसी तरह मौका पाकर मैं अन्य लड़की के साथ भाग गई और अपनी जान बचाई। जब वहां पर रहने वाली 4 आंटी बाहर निकली थी। फिर मैंने 8 लड़कियों के हाथ और पैर खोले। फिर हम सब मिल कर वहां से भाग गए थे। एक भइया ने वहां से भागने में मदद की थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद लड़की की मां और भाई ने महेशपुर की रहने वाली छात्रा के पिता से मुलाकात कर पूरी कहानी बताई। दूसरी लड़की के पिता ने डीएसपी टू राकेश कुमार से बात की। डीएसपी ने मामले को गंभीर बताते हुए जल्द मिलने के लिए बुलाया है। वारसलीगंज और महेशपुर से लापता दो छात्राओं को लेकर परिजन दहशत में हैं। DSP राकेश का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


