दो शादियां, गर्लफ्रेंड और खौफनाक अंत! 63 साल के आशिक ने ब्रेकअप होने के डर से उठाया ये कदम

दो शादियां, गर्लफ्रेंड और खौफनाक अंत! 63 साल के आशिक ने ब्रेकअप होने के डर से उठाया ये कदम

Bengaluru Murder-Suicide Case: बेंगलुरु से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। वहां 63 साल के शादीशुदा व्यक्ति ने एक महिला की हत्या कर दी। इसके कुछ देर बाद व्यक्ति ने खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि व्यक्ति का उस महिला के साथ प्रेम संबंध था। व्यक्ति की पहचान 63 वर्षीय ‘वीरभद्र’ के रूप में बताई जा रही है, वहीं महिला का नाम दाक्षायणी बताया जा रहा है। खबरों के अनुसार, वीरभद्र ने आपसी विवाद के चलते दाक्षायणी की हत्या की है।

वीरभद्र की पहले भी दो बार शादी हो चुकी है। साथ ही, वह दाक्षायणी के साथ प्रेम प्रसंग में भावनात्मक रूप से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ था। हालांकि दाक्षायणी इस प्रेम संबंध को खत्म करना चाहती थी, लेकिन वीरभद्र इसके लिए तैयार नहीं था और रिश्ते के अंत को स्वीकार करने में उसे काफी कठिनाई हो रही थी।

हत्या के बाद आत्महत्या

घटना की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना अचानक घटित नहीं हुई है। प्राथमिक जांच में पता चलता है कि यह हत्या जानबूझकर और सोची-समझी साजिश के तहत हुई है। साथ ही, पुलिस ने यह भी बताया कि यह घटना ईर्ष्या, क्रोध और स्थिति पर नियंत्रण खोने के डर से प्रेरित थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी वीरभद्र महिला की हत्या करके मौके से भाग गया था। हालांकि, कुछ देर बाद वापस घर लौट आया और कई घंटों तक वहीं रहा। इसके बाद वीरभद्र रात करीब 11 बजे फांसी पर लटका मिला। जांचकर्ताओं का मानना है कि पहले तो वीरभद्र ने दाक्षायणी की हत्या की। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।

रिश्ते में शामिल था पैसों का लेन-देन

पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि यह रिश्ता भावनात्मक होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी जुड़ा हुआ था। वीरभद्र ने कई बार दाक्षायणी की आर्थिक मदद की थी। बताया जा रहा है कि पैसों को लेकर दोनों के बीच पहले से ही काफी तनाव था। इसके बाद दाक्षायणी के द्वारा रिश्ते को खत्म करने की बात करना विवाद को और बढ़ा रहा था। इससे वीरभद्र तनाव में रहने लगा।

इसके अतिरिक्त, वीरभद्र को डर था कि प्रेम प्रसंग और वित्तीय लेन-देन का खुलासा जल्द ही हो सकता है। इसके बाद, उसका पारिवारिक जीवन खतरे में पड़ सकता है। साथ ही, सामाजिक स्तर पर भी उसको बहिष्कार या कड़ी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ सकती है। पुलिस का मानना है कि डर और अस्वीकृति ने वीरभद्र को हिंसा की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

‘शांत स्वभाव के थे वीरभ्रद’

घटना का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि हमें तो यकीन ही नहीं हो रहा कि वीरभद्र ऐसा कर सकता है। लोगों के मुताबिक वीरभद्र शांत स्वभाव का व्यक्ति था और काफी हद तक अंतर्मुखी था।

बता दें कि आरोपी और पीड़ित दोनों की मौत हो चुकी है। जांचकर्ता मामले को बंद करने के लिए प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा कर रहे हैं। साथ ही, परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

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