चूरू में एक मौलवी ने 13 वर्षीय नाबालिग लड़के की कपड़े से गला दबाकर हत्या कर दी और शव गंदे पानी के जोहड़ में फेंक दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने का खुलासा होने के बाद पुलिस ने शक के आधार आरोपी मौलवी से पूछताछ की तो उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। आरोपी नाबालिग की बहन पर बुरी नजर रखता था और उससे छेड़छाड़ भी करता था। इसकी जानकारी नाबालिग ने अपने पिता को दी थी। इससे वह उसको सबक सिखाना चाहता था। डीएसपी सुनील झाझड़िया और कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने बताया कि वार्ड 38 निवासी अब्दुल काजी (50) ने कोतवाली थाने में 4 जनवरी को उसके 13 वर्षीय बेटे आमीर की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में मृतक के पिता अब्दुल ने हत्या की आशंका जताई थी। अब्दुल का कहना है कि दरगाह के मौलवी ने आमीर को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके अगले दिन ही आमीर लापता हो गया था। गंदे पानी के जोहड़ में मिला था शव
पुलिस ने बताया- मकर संक्रांति पर कुछ बच्चे पतंग लूटते हुए अगुणा मौहल्ला में गंदे पानी की गिनाणी (जोहड़) की तरफ गए तो उनको बालक का शव दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने 15 जनवरी को डीबी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस को हत्या कर शव फेंकने की आशंका थी। इस कारण अलर्ट हो गई थी। पुलिस ने डिटेन कर पूछताछ की तो खुला मामला
शहर से कुछ दूर बीहड़ में दरगाह सूफी साहब रहमत दरगाह परिसर में नाबालिग का परिवार और पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर निवासी मो. हुसैन (23) ही रहता था। नाबालिग के पिता के आरोप लगाने के कारण पुलिस ने मौलवी मो. हुसैन को डिटेन कर लिया। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुख्ता हो गया की बालक की गला दबाकर हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस ने डिटेन किए मौलवी से सख्ताई से पूछताछ की तो उसने कपड़े से गला दबाकर बालक की हत्या करने की बात कबूल की। छेड़छाड़ की सूचना पिता को देने से था नाराज
आरोपी मो. हुसैन पिछले साढ़े तीन साल से दरगाह में मौलवी का काम करता था। वहीं, दरगाह परिसर में नाबालिग का परिवार रहता था। आरोपी नाबालिग की बहन पर बुरी नजर रखता था और उसके साथ छेड़छाड़ भी करता था। जिसके बारे में नाबालिग आमीर ने अपने पिता को बता दिया था। इस कारण वह नाबालिग को रास्ते से हटाना चाहता था। पहले एक्सीडेंट का रूप देना चाहता था आरोपी
पूछताछ में आरोपी मौलवी मो. हुसैन ने कबूल किया कि बालक आमीर को पहले वह अपने साथ बाइक पर बैठाकर लाल घंटाघर लेकर गया। जहां उसे हादसे में मारना चाहता था। मगर वहां अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाया। इसके बाद मो. हुसैन उसे दरगाह के पास बीहड़ में लेकर गया और कपड़े से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव गंदे पानी के जोहड़ में फेंक दिया।


