विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाले सहस्त्र शिवलिंग के लिए विभिन्न तीर्थ नदियों का जल लेकर बिहार के कैथोलिया गांव के लिए अयोध्या के संत आज रवाना हुए।महावीर स्थान न्यास समिति पटना के तत्वाधान में 120 एकड़ में बन रहे विराट रामायण मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग सहस्त्र शिवलिंग दिनांक 17 जनवरी को स्थापित होने जा रहा है। इन तीर्थों से मंगाया गया है पवित्र जल इस अवसर पर अमावां राम मंदिर के व्यवस्थापक पंकज कुमार के अगुवाई में गंगोत्री, मानसरोवर, हरिद्वार, प्रयाग, कावेरी, यमुनोत्री, वाराणसी, नारायणी, व सरयू के जल सहित अयोध्या से वेद मंत्रोच्चार के साथ साधु-संतों सहित करीब 100 लोग बिहार के कैथोलिया गांव के तरफ रवाना हुए। 33 फिट ऊंचा और 210 टन वजन तमिलनाडु के महाबलीपुरम से मंगाया गया है यह शिवलिंग 33 फिट ऊंचा और 210 टन वजन तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लगभग 45 दिनों में सड़क मार्ग द्वारा बिहार के पूर्वी चम्पारण के कैथोलिया गांव में पहुंचा। इस अवसर पर सनकादिक आश्रम के पीठाधीश्वर महंत डाक्टर संतोष दास योगी , गुरु रविदास मंदिर के महंत बनवारीपति महाराज, राजेश पहलवान हनुमानगढ़ी, राजूदास हनुमानगढ़ी, राम मंदिर के पुजारी प्रदीप दास , बैजू दास, साकेत भवन के महंत सीतारामदास, आचार्य सदाशिव तिवारी, वेदपाठी बटुक आदि रवाना हुए। विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाले सहस्त्र शिवलिंग के लिए विभिन्न तीर्थ नदियों का जल लेकर बिहार के कैथोलिया गांव के लिए अयोध्या के संत आज रवाना हुए।महावीर स्थान न्यास समिति पटना के तत्वाधान में 120 एकड़ में बन रहे विराट रामायण मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग सहस्त्र शिवलिंग दिनांक 17 जनवरी को स्थापित होने जा रहा है। इन तीर्थों से मंगाया गया है पवित्र जल इस अवसर पर अमावां राम मंदिर के व्यवस्थापक पंकज कुमार के अगुवाई में गंगोत्री, मानसरोवर, हरिद्वार, प्रयाग, कावेरी, यमुनोत्री, वाराणसी, नारायणी, व सरयू के जल सहित अयोध्या से वेद मंत्रोच्चार के साथ साधु-संतों सहित करीब 100 लोग बिहार के कैथोलिया गांव के तरफ रवाना हुए। 33 फिट ऊंचा और 210 टन वजन तमिलनाडु के महाबलीपुरम से मंगाया गया है यह शिवलिंग 33 फिट ऊंचा और 210 टन वजन तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लगभग 45 दिनों में सड़क मार्ग द्वारा बिहार के पूर्वी चम्पारण के कैथोलिया गांव में पहुंचा। इस अवसर पर सनकादिक आश्रम के पीठाधीश्वर महंत डाक्टर संतोष दास योगी , गुरु रविदास मंदिर के महंत बनवारीपति महाराज, राजेश पहलवान हनुमानगढ़ी, राजूदास हनुमानगढ़ी, राम मंदिर के पुजारी प्रदीप दास , बैजू दास, साकेत भवन के महंत सीतारामदास, आचार्य सदाशिव तिवारी, वेदपाठी बटुक आदि रवाना हुए।


