समस्तीपुर में इंटरनल परीक्षा के नाम पर छात्रों से एग्जाम फीस लिए जाने का विरोध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया है। इस मामले को लेकर विद्यार्थी परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने फीस वापस करने की मांग की है। हेड मास्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। प्रतिमंडल में शामिल सदस्यों का कहना है कि एडमिशन के समय ही इंटरनल परीक्षा फीस आदि जोड़कर ले लिया जाता है, फिर बीच में परीक्षा फीस लेना भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। शहर की बलिराम भगत महाविद्यालय में इंटरनल परीक्षा के नाम पर परीक्षार्थियों से ₹300 लिए जा रहे है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला सहसंयोजक शुभम कुमार ने बताया कि नामांकन के समय में शुल्क फी स्ट्रक्चर में ही जोड़कर लिया जाता है। उसके बाद फिर से इंटरनल परीक्षा का शुल्क लेना अवैध है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इसका विरोध करती है और छात्रहित में खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में पीजी की आठ अलग-अलग विषयों में पढ़ाई होती है। इंटरनल परीक्षा के नाम पर राशि वसूली पीजी की इंटरनल परीक्षा के लिए करीब 450 से अधिक छात्रों से इंटरनल परीक्षा के नाम पर राशि वसूल की गई है। जबकि एडमिशन के समय ही या स्ट्रक्चर में नामित है और इसका पैसा इस समय लिया जाता है। विश्वविद्यालय की ओर से इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य निक्कू आर्य ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का विरोध परीक्षा कंट्रोलर से हुआ। टेलिफोनिक वार्ता के बाद महाविद्यालय ने पैसा वापस करने की बात कही है, जिन-जिन छात्रों से इंटरनल परीक्षा के नाम पर राशि ली गई है उसे कॉलेज पैसा वापस करेगी। अगर कल से शुल्क वापस नहीं किया जाता है तो विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध आंदोलन करेगी । समस्तीपुर में इंटरनल परीक्षा के नाम पर छात्रों से एग्जाम फीस लिए जाने का विरोध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया है। इस मामले को लेकर विद्यार्थी परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने फीस वापस करने की मांग की है। हेड मास्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। प्रतिमंडल में शामिल सदस्यों का कहना है कि एडमिशन के समय ही इंटरनल परीक्षा फीस आदि जोड़कर ले लिया जाता है, फिर बीच में परीक्षा फीस लेना भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। शहर की बलिराम भगत महाविद्यालय में इंटरनल परीक्षा के नाम पर परीक्षार्थियों से ₹300 लिए जा रहे है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला सहसंयोजक शुभम कुमार ने बताया कि नामांकन के समय में शुल्क फी स्ट्रक्चर में ही जोड़कर लिया जाता है। उसके बाद फिर से इंटरनल परीक्षा का शुल्क लेना अवैध है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इसका विरोध करती है और छात्रहित में खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में पीजी की आठ अलग-अलग विषयों में पढ़ाई होती है। इंटरनल परीक्षा के नाम पर राशि वसूली पीजी की इंटरनल परीक्षा के लिए करीब 450 से अधिक छात्रों से इंटरनल परीक्षा के नाम पर राशि वसूल की गई है। जबकि एडमिशन के समय ही या स्ट्रक्चर में नामित है और इसका पैसा इस समय लिया जाता है। विश्वविद्यालय की ओर से इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य निक्कू आर्य ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का विरोध परीक्षा कंट्रोलर से हुआ। टेलिफोनिक वार्ता के बाद महाविद्यालय ने पैसा वापस करने की बात कही है, जिन-जिन छात्रों से इंटरनल परीक्षा के नाम पर राशि ली गई है उसे कॉलेज पैसा वापस करेगी। अगर कल से शुल्क वापस नहीं किया जाता है तो विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध आंदोलन करेगी ।


