तमिलनाडु का प्रतिष्ठित पलामेडु जल्लीकट्टू शुरू हो गया है, जिसमें 1,000 बैल और 650 बैल-चालक भाग ले रहे है। यह राज्य के सबसे लोकप्रिय पारंपरिक खेलों में से एक है। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार को मदुरै के पास पलामेडु में मंजामलाई नदी तट पर जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी, एम्बुलेंस, बचाव दल, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी शामिल हैं।
इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu: Congress-DMK में Seat Sharing पर महाभारत, क्या टूटेगा 20 साल पुराना गठबंधन?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शुक्रवार के आयोजन के लिए भी सांड को काबू करने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी और सर्वश्रेष्ठ सांड के मालिक को क्रमशः एक कार और एक ट्रैक्टर जीतने का मौका मिलेगा, जो द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेतृत्व द्वारा प्रायोजित है। सीजन का पहला मुकाबला 15 जनवरी को समाप्त हुआ, जिसमें वलयनकुलम के बालमुरुगन विजेता बनकर उभरे। बालमुरुगन ने 22 सांडों को काबू में करके मुख्यमंत्री पुरस्कार जीता।
अवनियापुरम के जी आर कार्तिक ने 17 सांडों को काबू में करके दूसरा स्थान हासिल किया और उन्हें एक मोटरसाइकिल मिली। जल्लीकट्टू का भव्य समापन समारोह 17 जनवरी को अलंगनल्लूर में आयोजित किया जाएगा और इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन करेंगे। मदुरै क्षेत्र के मूल निवासी एवं लोकप्रिय अभिनेता सूरी ने कार्यक्रम शुरू होने के कुछ ही समय बाद वहां पहुंचकर शुक्रवार के कार्यक्रम में जोश भर दिया।
इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने तमिलनाडु के विवि के खिलाफ मद्रास उच्च न्यायालय के बेदखली आदेश पर रोक लगाई
पलामेडु में कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलते समय बात करते हुए अभिनेता ने सांड पकड़ने के इस पारंपरिक खेल के प्रति अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त किया और इसे तमिल पहचान का एक आवश्यक प्रतीक बताया। सूरी ने कहा, ‘‘मैं इसे बहुत गर्व की बात मानता हूं। मुझे अपने पूर्वजों द्वारा दी गई उस पहचान का हिस्सा होने पर बहुत गर्व महसूस होता है- एक ऐसी पहचान जो हमारी मिट्टी और हमारी विरासत में गहराई से निहित है।’’ अभिनेता ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के सुचारू संचालन की भी सराहना की।


