अमेरिका में गृह युद्ध जैसे हालात ? ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकी से कांपा मिनियापोलिस! जानें क्या है’विद्रोह अधिनियम’

अमेरिका में गृह युद्ध जैसे हालात ? ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकी से कांपा मिनियापोलिस! जानें क्या है’विद्रोह अधिनियम’

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में आव्रजन नीतियों (Immigration Policies) के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि शहर में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शन तुरंत बंद नहीं हुए, तो वह 1807 का ‘विद्रोह अधिनियम’ (Insurrection Act) लागू कर सकते हैं। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति मिली हुई है कि वह गंभीर आंतरिक अशांति की स्थिति में अमेरिकी सेना को सड़कों पर उतार सकें या नेशनल गार्ड का नियंत्रण सीधे अपने हाथों में ले सकें।

क्यों भड़की हिंसा की आग ?

मिनियापोलिस में तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब आव्रजन अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं। हाल ही में एक अधिकारी ने फावड़े से हमला करने वाले व्यक्ति पर गोली चलाई, जिससे वह जख्मी हो गया। इससे पहले भी एक स्थानीय निवासी की मौत के बाद शहर में गुस्से की लहर दौड़ गई थी। प्रदर्शनकारी अब संघीय इमारतों के बाहर जमा होकर आव्रजन अधिकारियों (ICE) के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। ट्रंप ने इन प्रदर्शनकारियों को ‘पेशेवर उपद्रवी’ करार देते हुए कहा है कि वह अपने देशभक्त अधिकारियों पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे।

विपक्ष और राज्य सरकार का पलटवार

मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ और अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने ट्रंप के इस संभावित कदम का कड़ा विरोध किया है। गवर्नर वाल्ज़ ने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रंप से अपील की है कि वह आग में घी डालने के बजाय शांति बनाए रखने में मदद करें। उन्होंने कहा कि सेना भेजने से केवल डर और अराजकता बढ़ेगी। वहीं, अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया है कि वे सेना बुलाने के किसी भी असंवैधानिक कदम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। प्रशासन पहले से ही “मेट्रो सर्ज” नामक आव्रजन अभियान को लेकर संघीय सरकार पर मुकदमा चला रहा है।

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स और जनता ?

कानूनी विशेषज्ञ: जानकारों का मानना है कि विद्रोह अधिनियम का इस्तेमाल अंतिम विकल्प के रूप में करना चाहिए। बिना राज्य सरकार की सहमति के सेना उतारना लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

जनता का रुख: स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। कुछ लोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रंप के समर्थन में हैं, तो बड़ी संख्या में लोग इसे नागरिक अधिकारों का हनन मान रहे हैं।

अब आगे क्या होगा ?

आने वाले 48 घंटे मिनियापोलिस के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यदि प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटते, तो व्हाइट हाउस से सेना की तैनाती के आदेश जारी हो सकते हैं। मानवाधिकार संगठन पहले ही यह मामला सुप्रीम कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी दल (डेमोक्रेट्स) इस मुद्दे को संसद में उठाने की योजना बना रहे हैं, ताकि ट्रंप की सैन्य शक्तियों पर अंकुश लगाया जा सके।

क्या है ‘विद्रोह अधिनियम 1807’?

यह अमेरिका का एक बेहद पुराना और शक्तिशाली कानून है। इसका इस्तेमाल इतिहास में बहुत कम बार किया गया है। आमतौर पर जब स्थानीय पुलिस और नेशनल गार्ड जब स्थिति नियंत्रित करने में विफल रहते हैं, तब राष्ट्रपति अमेरिकी सेना को घरेलू सीमा के अंदर तैनात करने के लिए इसका प्रयोग करते हैं। ट्रंप के इस कानून को लागू करने से विचार से ही अमेरिका के फेडरल ढांचे और नागरिक स्वतंत्रता के बीच एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

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