झांसी में आवास विकास परिषद के खिलाफ जिले के किसानों ने आंदोलन करते हुए उत्पीड़न के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हमारी जमीनें परिवार के भरण पोषण का जरिया हैं लेकिन उसे आवास विकास परिषद अधिग्रहण करना चाहता है। बोले हम किसी भी कीमत पर अपनी जमीनें देना नहीं चाहते। बता दें कि आवास विकास परिषद की प्रस्तावित आवास विकास योजना-4 के लिए महानगर से सटे इलाकों में भूमि चिन्हित की गई है। इस प्रोजेक्ट में जिन किसानों की जमीनें आ रही है, वह शुक्रवार को आंदोलन करने झांसी कलेक्ट्रेट पहुंचे। कोछाभांवर, पिछोर, मुस्तरा और टाकोरी मौजा के प्रभावित किसानों और व्यापारियों ने कचहरी स्थित गांधी उद्यान में एकत्रित होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परिषद उनकी कीमती फसली उपजाऊ और व्यापारिक भूमि का अधिग्रहण करना चाहती है, जिसे वह किसी भी कीमत पर देने को तैयार नहीं हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि वह अपनी जमीन का एक टुकड़ा भी योजना के लिए नहीं देंगे क्योंकि, यह उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। किसानों के अनुसार, वह इस संबंध में जिले के उच्चाधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


