दरभंगा में टीबी मरीज की इलाज के दौरान मौत:बिरौल सीएचसी के डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप, थाने में शिकायत

दरभंगा में टीबी मरीज की इलाज के दौरान मौत:बिरौल सीएचसी के डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप, थाने में शिकायत

दरभंगा में टीबी मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने बिरौल अनुमंडल स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। इस संबंध में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मृतक की पहचान रजवा गांव के वार्ड-11 निवासी अजय सिंह(36) के तौर पर हुई है। मृतक के छोटे भाई छोटू सिंह ने बताया कि भैया का इलाज 5 जनवरी से अनुमंडल अस्पताल में शुरू किया गया था। उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। 12 और 14 जनवरी को दोबारा अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि दवा के साइड इफेक्ट से मरीज की तबीयत बिगड़ रही है। बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर जा रहे थे, रास्ते में उनकी मौत हो गई। लापरवाही के कारण ही मौत हुई है। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। पहले टीबी बताया गया, फिर दवा बदलते रहे। कभी एक दवा बंद करके दूसरी दी गई, तो कभी दूसरी बंद कर तीसरी दे दी। इलाज में लगातार बदलाव के कारण मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। अगर समय रहते रेफर किया जाता, तो जान बच सकती थी। सरकार से मुआवजे की मांग अजय सिंह की अभी शादी नहीं हुई थी। ई-रिक्शा चलाकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थ। घर में बीमार मां हैं। मौत के बाद परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार से मुआवजे की भी मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई इस संबंध में बिरौल थाना के अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) केस दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम का गठन अनुमंडलीय अस्पताल प्रभारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। जांच टीम में डॉ. फूल बाबू मिश्रा, डॉ. संगीत कुमार और डॉ. नीतीश कुमार को शामिल किया गया है। 48 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। मृतक के भाई छोटू सिंह ने आवेदन देकर इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस आवेदन की एक कॉपी गौड़ाबैराम विधायक सुजीत कुमार सिंह और बिरौल थाना प्रभारी को भी सौंपी गई है। दरभंगा में टीबी मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने बिरौल अनुमंडल स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। इस संबंध में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मृतक की पहचान रजवा गांव के वार्ड-11 निवासी अजय सिंह(36) के तौर पर हुई है। मृतक के छोटे भाई छोटू सिंह ने बताया कि भैया का इलाज 5 जनवरी से अनुमंडल अस्पताल में शुरू किया गया था। उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। 12 और 14 जनवरी को दोबारा अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि दवा के साइड इफेक्ट से मरीज की तबीयत बिगड़ रही है। बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर जा रहे थे, रास्ते में उनकी मौत हो गई। लापरवाही के कारण ही मौत हुई है। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। पहले टीबी बताया गया, फिर दवा बदलते रहे। कभी एक दवा बंद करके दूसरी दी गई, तो कभी दूसरी बंद कर तीसरी दे दी। इलाज में लगातार बदलाव के कारण मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। अगर समय रहते रेफर किया जाता, तो जान बच सकती थी। सरकार से मुआवजे की मांग अजय सिंह की अभी शादी नहीं हुई थी। ई-रिक्शा चलाकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थ। घर में बीमार मां हैं। मौत के बाद परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार से मुआवजे की भी मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई इस संबंध में बिरौल थाना के अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) केस दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम का गठन अनुमंडलीय अस्पताल प्रभारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। जांच टीम में डॉ. फूल बाबू मिश्रा, डॉ. संगीत कुमार और डॉ. नीतीश कुमार को शामिल किया गया है। 48 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। मृतक के भाई छोटू सिंह ने आवेदन देकर इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस आवेदन की एक कॉपी गौड़ाबैराम विधायक सुजीत कुमार सिंह और बिरौल थाना प्रभारी को भी सौंपी गई है।  

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