नवादा में अडानी प्लांट के लिए पोल गाड़ने का विरोध:पुलिस लाठीचार्ज में 12 ग्रामीण घायल, प्रशासन ने मुआवजे देने का किया दावा

नवादा के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव में हंगामा हुआ। अडानी ग्रुप (अंबुजा सीमेंट) की निर्माणाधीन सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट को 133 kV हाई वोल्टेज बिजली आपूर्ति के लिए पोल और टावर लगाने का काम शुरू हुआ था। यह बिजली लाइन गांव के पश्चिमी हिस्से से गुजर रही है, जहां ग्रामीणों की निजी और कीमती आवासीय-खेती वाली भूमि है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पूरी सहमति और उचित मुआवजे के बिना ही पोल गाड़े जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनकी भूमि का मूल्य घट जाएगा और वह घर-बाड़ी बनाने लायक नहीं रहेगी। विरोध में सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और युवा शामिल थे, मौके पर पहुंचे और काम रोकने की मांग की। विरोध प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज में 12 लोग घायल ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस के लाठीचार्ज में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें कई महिलाएं और युवक शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश है, और स्थानीय लोग इसे ‘जबरन भूमि हड़पने’ का मामला बता रहे हैं। सरकारी नियमों के दिया जाएगा मुआवजा सदर एसडीएम अमित अनुराग ने बताया कि प्रभावित किसानों को सरकारी नियमों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और लाठीचार्ज के आरोपों को बेबुनियाद बताया। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना विकास के लिए आवश्यक है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। यह घटना अडानी ग्रुप की विभिन्न परियोजनाओं पर स्थानीय विरोध का एक और उदाहरण है। ग्रामीण अब आगे की रणनीति बना रहे हैं, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। नवादा के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव में हंगामा हुआ। अडानी ग्रुप (अंबुजा सीमेंट) की निर्माणाधीन सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट को 133 kV हाई वोल्टेज बिजली आपूर्ति के लिए पोल और टावर लगाने का काम शुरू हुआ था। यह बिजली लाइन गांव के पश्चिमी हिस्से से गुजर रही है, जहां ग्रामीणों की निजी और कीमती आवासीय-खेती वाली भूमि है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पूरी सहमति और उचित मुआवजे के बिना ही पोल गाड़े जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनकी भूमि का मूल्य घट जाएगा और वह घर-बाड़ी बनाने लायक नहीं रहेगी। विरोध में सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और युवा शामिल थे, मौके पर पहुंचे और काम रोकने की मांग की। विरोध प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज में 12 लोग घायल ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस के लाठीचार्ज में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें कई महिलाएं और युवक शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश है, और स्थानीय लोग इसे ‘जबरन भूमि हड़पने’ का मामला बता रहे हैं। सरकारी नियमों के दिया जाएगा मुआवजा सदर एसडीएम अमित अनुराग ने बताया कि प्रभावित किसानों को सरकारी नियमों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और लाठीचार्ज के आरोपों को बेबुनियाद बताया। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना विकास के लिए आवश्यक है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। यह घटना अडानी ग्रुप की विभिन्न परियोजनाओं पर स्थानीय विरोध का एक और उदाहरण है। ग्रामीण अब आगे की रणनीति बना रहे हैं, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।  

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