Aamir Khan Statement Fires Langauge Controversy: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान का हालिया बयान अब उनके लिए मुसीबत खड़ी कर चुका है। दरअसल आमिर एक बयान की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं जो उन्होंने बीएमसी चुनाव में मतदान करने के बाद दिया। आमिर खान के बयान के एक बार फिर महाराष्ट्र में पिछले काफी समय से चले आ रहे भाषा विवाद को एक बार फिर हवा दे दी है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
आमिर खान ने फिर छेड़ा भाषा विवाद
मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए वोट डालने पहुंचे आमिर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनका हिंदी और मराठी भाषा को लेकर दिया गया रिएक्शन नई बहस को जन्म दे रहा है। देखते ही देखते यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिंदी बनाम मराठी विवाद में बदल गया।
मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में शुरू हुआ विवाद
15 जनवरी की सुबह मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई नगर निगमों में मतदान हुआ। बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी लोकतंत्र के इस उत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे। आमिर खान भी अपने बेटे जुनैद खान के साथ वोट डालने पहुंचे थे। मतदान के बाद आमिर मीडिया से बातचीत कर रहे थे और वह मराठी भाषा में लोगों से वोट डालने की अपील कर रहे थे। इसी दौरान एक रिपोर्टर ने उनसे कहा कि वो हिंदी में भी बोलें।
‘हिंदी में? ये महाराष्ट्र है भाई…’
रिपोर्टर की बात सुनकर आमिर खान थोड़ा चौंकते हुए मुस्कुराए और जवाब दिया, ‘हिंदी में? ये महाराष्ट्र है भाई।’ उनका यह जवाब कैमरे में कैद हो गया और कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जब मीडिया ने उनसे कहा कि उनका संदेश दिल्ली समेत पूरे देश में दिखाया जाएगा, तब आमिर ने हिंदी में अपनी बात जारी रखते हुए मतदान की अहमियत पर जोर दिया और चुनाव व्यवस्था की तारीफ की।
सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटी जनता
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने आमिर के जवाब को मराठी भाषा और स्थानीय संस्कृति के सम्मान से जोड़कर देखा। वहीं, कई लोगों ने इसे हिंदी भाषा के प्रति अपमान के तौर पर लिया। जहां आमिर के फैंस उनके इस जवाब को सामान्य बता रहे हैं वहीं उनके आलोचकों की भी सोशल मीडिया पर कमी नहीं है। आमिर के इस बयान पर कई लोगों ने सवाल खड़े किए।
महाराष्ट्र में पुराना है भाषा विवाद
यह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र में भाषा को लेकर बहस छिड़ी हो। पिछले साल राज्य में प्राथमिक स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने की योजना पर भी बड़ा विवाद हुआ था। उस फैसले का विरोध इतना बढ़ा कि सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े। ऐसे में आमिर खान का यह बयान पुराने जख्मों को फिर से हरा करता नजर आया।


