Bruising without injury: आपने कई बार देखा होगा कि आपके पैरों पर नीले निशान बन जाते हैं। उन्हें देखकर आप सोचते रहते हैं कि न तो कोई चोट लगी है, न ही हम कहीं गिरे या टकराए हैं, फिर यह नीला निशान हमारे पैर पर कैसे हुआ? कई जगह तो यह तक मान लिया जाता है कि अगर ऐसा नीला निशान अचानक से हुआ है, तो आपके साथ जरूर कुछ बुरा होने वाला है। लेकिन असल में ऐसा नहीं है।
अगर आपके पैर पर अचानक से नीला निशान हुआ है, तो यह चिंता का विषय है, लेकिन आपके स्वास्थ्य के लिए। इसकी खास बात यह है कि यह समस्या महिलाओं में ज्यादा होती है। आइए डॉ संदीप जोशी से जानते हैं कि हमारे शरीर में, विशेष तौर पर पैरों में होने वाले ये निशान क्यों होते हैं? ये महिलाओं में ज्यादा किस कारण से होते हैं और इसके लक्षण और बचाव क्या होते हैं?
पैरों में क्यों होते हैं नीले निशान?(Bruises on legs)
पैरों पर अचानक से बनने वाले नीले निशान कई कारणों से हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह होता है कि हमारी त्वचा के नीचे छोटी-छोटी रक्त वाहिकाएं (Capillaries) फट जाती हैं और इस कारण से वहां रक्त जमा हो जाता है। इसके अन्य कारण निम्न हो सकते हैं:
- परपुरा सिम्प्लेक्स (Purpura Simplex)
- शरीर में विटामिन C, विटामिन K और आयरन (Iron) की कमी होना
- खून पतला करने वाली दवाएं ज्यादा लेने से
- बढ़ती उम्र के साथ त्वचा का पतला होना
महिलाओं में ज्यादा क्यों होते हैं ये निशान?(Women’s Bruises Cause)
महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ये नीले निशान ज्यादा होते हैं। इसके कई कारण होते हैं, जैसे कि महिलाओं की त्वचा पुरुषों की तुलना में ज्यादा पतली होती है। महिलाओं में पाया जाने वाला एस्ट्रोजन हार्मोन रक्त वाहिकाओं की दीवारों को थोड़ा “रिलैक्स” (Relax) और लचीला बना देता है। इसके अलावा महिलाओं में पुरुषों की तुलना में खून की कमी भी ज्यादा देखने को मिलती है।
नीले निशान के साथ कौन से लक्षणों को टालना नहीं चाहिए?(Bruises Symptoms)
- बहुत ज्यादा कमजोरी आना
- बार-बार नीले निशान बनना
- नाक से या मसूड़ों से खून आना
- नीले निशान का आकार बढ़ना
नीले निशान से बचने के उपाय क्या होते हैं?(Bruises Prevention)
- विटामिन C, विटामिन K और आयरन से भरपूर आहार को शामिल करें
- शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें
- निशान दिखते ही तुरंत बर्फ से सिकाई करें
किन गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं?(Bruises Links Disease)
- लिवर की बीमारी (Liver Disease/Cirrhosis)
- ब्लड कैंसर (Leukemia)
- प्लेटलेट्स की कमी (Thrombocytopenia)
- किडनी की बीमारी (Kidney Disease)
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


