भास्कर न्यूज | इटखोरी देश में सुख-शांति और समृद्धि के लिए मकर संक्रांति त्योहार पर पुजारियों और भक्तों ने रविवार संध्या मां भद्रकाली की विधि-विधान से आरती-पूजन की। मां की आरती मंदिर के गर्भगृह में विधिविधान से हुई। जहां पुजारियों के अलावे भक्तों की भी बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। पुजारियों ने धूप, दीप, नावेद एवं खीर और फल प्रसाद मां को अर्पित की। इससे पूर्व पुजारियों ने माता रानी की आवाह्न कर वैदिक मंत्रोच्चार कर आरती की। जहां भक्ति की बयार बहती रही। इससे पूर्व 15 जनवरी की अहले सुबह नित्य दिन की तरह श्रद्धा और भक्ति से माता रानी की विशेष रूप से श्रंगार पूजन हुई। मां की श्रंगार पूजन एवं आरती में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ जुटी रही। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं ने माता रानी की जय घोष लगाए। जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्तिभाव में विभोर हुआ। फिर सुबह से लेकर 12 दिन तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ मां की दर्शन-पूजन के लिए जुटी रही। 12 बजे दिन मंदिर का पट्ट मां के भोग के लिए बंद कर दिया गया। फिर एक घंटे बाद 1 बजे दिन श्रद्धालुओं के पूजा पाठ के लिए मंदिर का कपाट खोला गया। मंदिर आए श्रद्धालुओं के बीच माता रानी की लगाए गए भोग का महाप्रसाद खीर और फल वितरण किया गया। इसके बाद संध्या में मां की श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती की गई। संध्या प्रहर में मां के लगाए गए भोग का खीर और फल प्रसाद मंदिर आए श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने जय मां भद्रकाली, हर हर महादेव, जय श्री राम और जयवीर बजरंगबली एवं जय शनि देव की जयघोष लगाते रहे, जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्ति की शक्ति में लीन रहा। भास्कर न्यूज | इटखोरी देश में सुख-शांति और समृद्धि के लिए मकर संक्रांति त्योहार पर पुजारियों और भक्तों ने रविवार संध्या मां भद्रकाली की विधि-विधान से आरती-पूजन की। मां की आरती मंदिर के गर्भगृह में विधिविधान से हुई। जहां पुजारियों के अलावे भक्तों की भी बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। पुजारियों ने धूप, दीप, नावेद एवं खीर और फल प्रसाद मां को अर्पित की। इससे पूर्व पुजारियों ने माता रानी की आवाह्न कर वैदिक मंत्रोच्चार कर आरती की। जहां भक्ति की बयार बहती रही। इससे पूर्व 15 जनवरी की अहले सुबह नित्य दिन की तरह श्रद्धा और भक्ति से माता रानी की विशेष रूप से श्रंगार पूजन हुई। मां की श्रंगार पूजन एवं आरती में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ जुटी रही। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं ने माता रानी की जय घोष लगाए। जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्तिभाव में विभोर हुआ। फिर सुबह से लेकर 12 दिन तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ मां की दर्शन-पूजन के लिए जुटी रही। 12 बजे दिन मंदिर का पट्ट मां के भोग के लिए बंद कर दिया गया। फिर एक घंटे बाद 1 बजे दिन श्रद्धालुओं के पूजा पाठ के लिए मंदिर का कपाट खोला गया। मंदिर आए श्रद्धालुओं के बीच माता रानी की लगाए गए भोग का महाप्रसाद खीर और फल वितरण किया गया। इसके बाद संध्या में मां की श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती की गई। संध्या प्रहर में मां के लगाए गए भोग का खीर और फल प्रसाद मंदिर आए श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने जय मां भद्रकाली, हर हर महादेव, जय श्री राम और जयवीर बजरंगबली एवं जय शनि देव की जयघोष लगाते रहे, जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्ति की शक्ति में लीन रहा।


