SKMCH में गंदगी देख कर भड़के कमिश्नर:मुजफ्फरपुर ​​​​​​​में 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया, कहा- सुधरें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें

SKMCH में गंदगी देख कर भड़के कमिश्नर:मुजफ्फरपुर ​​​​​​​में 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया, कहा- सुधरें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें

मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की बदहाल व्यवस्था देखकर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। कमिश्नर ने निरीक्षण की शुरुआत में तीन वार्डों का जायजा लिया। उन्हें हर तरफ गंदगी मिली और कई वार्डों से डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी नदारद पाए गए। मरीजों और उनके परिजनों ने इलाज में देरी और अस्पताल की खराब स्थिति की शिकायतें कीं। कमिश्नर ने पाया कि ड्यूटी रोस्टर होने के बावजूद कई डॉक्टर अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही थी। अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान सबसे अहम बात यह रही कि कमिश्नर लगभग डेढ़ घंटे तक अस्पताल में रहे, लेकिन इस अवधि में अधीक्षक उनसे मिलने नहीं पहुंचे। इस पर कमिश्नर ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं पिछले डेढ़ घंटे से निरीक्षण कर रहा हूं, लेकिन अधीक्षक महोदय का कहीं पता नहीं है। उनकी अनुपस्थिति देखकर ऐसा लगता है कि वे शायद मुजफ्फरपुर में रहते ही नहीं हैं।” कमिश्नर ने अधीक्षक की इस अनुशासनहीनता को गंभीर मानते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 15 दिनों का अल्टीमेटम, सुधरें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें अस्पताल की जर्जर स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने SKMCH प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर अस्पताल की सफाई व्यवस्था से लेकर डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाइयों की उपलब्धता तक, हर सुविधा सुचारू हो जानी चाहिए। कमिश्नर ने कहा, “सिस्टम को जल्द से जल्द सुधार लें। स्थिति बहुत खराब है और अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय समय में सुधार नहीं दिखा, तो जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” निरीक्षण के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज में खलबली मची हुई है। अब देखना यह है कि कमिश्नर की इस फटकार के बाद SKMCH की सूरत बदलती है या व्यवस्था पहले की तरह ही ढर्रे पर चलती रहती है। मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की बदहाल व्यवस्था देखकर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। कमिश्नर ने निरीक्षण की शुरुआत में तीन वार्डों का जायजा लिया। उन्हें हर तरफ गंदगी मिली और कई वार्डों से डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी नदारद पाए गए। मरीजों और उनके परिजनों ने इलाज में देरी और अस्पताल की खराब स्थिति की शिकायतें कीं। कमिश्नर ने पाया कि ड्यूटी रोस्टर होने के बावजूद कई डॉक्टर अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही थी। अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान सबसे अहम बात यह रही कि कमिश्नर लगभग डेढ़ घंटे तक अस्पताल में रहे, लेकिन इस अवधि में अधीक्षक उनसे मिलने नहीं पहुंचे। इस पर कमिश्नर ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं पिछले डेढ़ घंटे से निरीक्षण कर रहा हूं, लेकिन अधीक्षक महोदय का कहीं पता नहीं है। उनकी अनुपस्थिति देखकर ऐसा लगता है कि वे शायद मुजफ्फरपुर में रहते ही नहीं हैं।” कमिश्नर ने अधीक्षक की इस अनुशासनहीनता को गंभीर मानते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 15 दिनों का अल्टीमेटम, सुधरें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें अस्पताल की जर्जर स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने SKMCH प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर अस्पताल की सफाई व्यवस्था से लेकर डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाइयों की उपलब्धता तक, हर सुविधा सुचारू हो जानी चाहिए। कमिश्नर ने कहा, “सिस्टम को जल्द से जल्द सुधार लें। स्थिति बहुत खराब है और अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय समय में सुधार नहीं दिखा, तो जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” निरीक्षण के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज में खलबली मची हुई है। अब देखना यह है कि कमिश्नर की इस फटकार के बाद SKMCH की सूरत बदलती है या व्यवस्था पहले की तरह ही ढर्रे पर चलती रहती है।  

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