बक्सर के दानापुर–डीडीयू रेलखंड पर नेऊरा रेलवे स्टेशन के समीप चलती ट्रेन से गिरकर बक्सर जिले के पुराना भोजपुर गांव निवासी एक 70 वर्षीय वृद्ध किसान की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान हरिद्वार यादव उर्फ हरिद्वार पहलवान, पिता स्वर्गीय धर्मदेव यादव के रूप में की गई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बहन के घर जाने के दौरान हुआ हादसा परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार यादव अपनी बहन के घर मधुपुर जाने के लिए ट्रेन से रवाना हुए थे। दानापुर–डीडीयू रेलखंड पर नेऊरा स्टेशन के पास अत्यधिक भीड़ होने के कारण वह असंतुलित होकर चलती ट्रेन से नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे घटना की सूचना परिजनों को मिली। पत्नी के निधन के बाद मानसिक तनाव में थे वृद्ध परिजनों ने बताया कि हरिद्वार यादव पेशे से किसान थे और गांव में अपने सरल, मिलनसार स्वभाव के लिए पहचाने जाते थे। बीते सितंबर माह में उनकी पत्नी रामझरिया देवी का निधन हो गया था। इसके बाद से वे मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे और अक्सर गुमसुम रहते थे। परिजन बताते हैं कि वह जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे थे। कागजी प्रक्रिया के बाद गांव लाया गया शव घटना की सूचना मिलते ही परिजन नेऊरा स्टेशन पहुंचे, जहां रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पुराना भोजपुर गांव लाया गया। गुरुवार की शाम जैसे ही शव गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। तीन बेटे देश की सेवा में, परिवार सदमे में मृतक के परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। सबसे बड़े पुत्र उपेंद्र यादव बिहार पुलिस में कार्यरत हैं। दूसरे पुत्र जितेंद्र यादव केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सेवा दे रहे हैं, जबकि तीसरे पुत्र विजय शंकर यादव रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। गांव के लोगों ने जताई शोक संवेदना घटना की जानकारी मिलते ही सरपंच प्रतिनिधि भरत चौधरी, भाजपा नेता रोहित सिंह, समाजसेवी अवधेश यादव सहित कई गणमान्य लोग मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। सभी ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। रेल यात्रा की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर रेल यात्रा के दौरान भीड़भाड़ और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं पत्नी के निधन के बाद अकेलेपन और मानसिक तनाव से जूझ रहे वृद्ध किसान की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बक्सर के दानापुर–डीडीयू रेलखंड पर नेऊरा रेलवे स्टेशन के समीप चलती ट्रेन से गिरकर बक्सर जिले के पुराना भोजपुर गांव निवासी एक 70 वर्षीय वृद्ध किसान की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान हरिद्वार यादव उर्फ हरिद्वार पहलवान, पिता स्वर्गीय धर्मदेव यादव के रूप में की गई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बहन के घर जाने के दौरान हुआ हादसा परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार यादव अपनी बहन के घर मधुपुर जाने के लिए ट्रेन से रवाना हुए थे। दानापुर–डीडीयू रेलखंड पर नेऊरा स्टेशन के पास अत्यधिक भीड़ होने के कारण वह असंतुलित होकर चलती ट्रेन से नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे घटना की सूचना परिजनों को मिली। पत्नी के निधन के बाद मानसिक तनाव में थे वृद्ध परिजनों ने बताया कि हरिद्वार यादव पेशे से किसान थे और गांव में अपने सरल, मिलनसार स्वभाव के लिए पहचाने जाते थे। बीते सितंबर माह में उनकी पत्नी रामझरिया देवी का निधन हो गया था। इसके बाद से वे मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे और अक्सर गुमसुम रहते थे। परिजन बताते हैं कि वह जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे थे। कागजी प्रक्रिया के बाद गांव लाया गया शव घटना की सूचना मिलते ही परिजन नेऊरा स्टेशन पहुंचे, जहां रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पुराना भोजपुर गांव लाया गया। गुरुवार की शाम जैसे ही शव गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। तीन बेटे देश की सेवा में, परिवार सदमे में मृतक के परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। सबसे बड़े पुत्र उपेंद्र यादव बिहार पुलिस में कार्यरत हैं। दूसरे पुत्र जितेंद्र यादव केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सेवा दे रहे हैं, जबकि तीसरे पुत्र विजय शंकर यादव रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। गांव के लोगों ने जताई शोक संवेदना घटना की जानकारी मिलते ही सरपंच प्रतिनिधि भरत चौधरी, भाजपा नेता रोहित सिंह, समाजसेवी अवधेश यादव सहित कई गणमान्य लोग मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। सभी ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। रेल यात्रा की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर रेल यात्रा के दौरान भीड़भाड़ और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं पत्नी के निधन के बाद अकेलेपन और मानसिक तनाव से जूझ रहे वृद्ध किसान की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।


