औरंगाबाद में दीनदयाल उपाध्याय – गयाजी रेलखंड पर स्थित रफीगंज रेलवे स्टेशन के पास एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मृतक रेलवे में फोन लाइन का काम करा रही कंपनी में कार्यरत था और ड्यूटी के दौरान ही यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान चंद्रदीप यादव (27) के रूप में की गई है, जो झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत कांडी थाना क्षेत्र के चटनिया गांव का निवासी था। आज वह रफीगंज रेलवे स्टेशन के पास मेन लाइन के आसपास फोन लाइन से संबंधित काम में लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान ही संभवतः चंद्रदीप के मोबाइल पर उसकी पत्नी का फोन आया। वह कान में इयरफोन लगाकर बात करने लगा और इसी दौरान अनजाने में मेन रेलवे लाइन पर चला गया। फोन पर बातचीत में व्यस्त रहने के कारण वह आने वाली ट्रेन को देख नहीं सका। इसी बीच कंसारा और चंद्रहेटा के बीच रेलवे पिलर संख्या 511/22 के पास तेज गति से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से युवक का शरीर पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और गांव से आए स्वजन भी रफीगंज पहुंचे। 20 जनवरी को वेतन मिलने के बाद घर जाने वाला था चंद्रदीप चंद्रदीप अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि उसकी मां नेत्रहीन है। साल 2025 के अप्रैल महीने में ही उसकी शादी हुई थी और उसकी पत्नी इस समय पांच महीने की गर्भवती है। दो भाइयों में चंद्रदीप ही परिवार की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहा था। एक जनवरी को वह अपनी गर्भवती पत्नी का इलाज कराने के बाद काम पर लौटा था। 20 जनवरी को उसे वेतन मिलने वाला था, वह मां के लिए सामान खरीदकर और पत्नी को दिखाने के लिए घर जाने की तैयारी में था। औरंगाबाद में दीनदयाल उपाध्याय – गयाजी रेलखंड पर स्थित रफीगंज रेलवे स्टेशन के पास एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मृतक रेलवे में फोन लाइन का काम करा रही कंपनी में कार्यरत था और ड्यूटी के दौरान ही यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान चंद्रदीप यादव (27) के रूप में की गई है, जो झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत कांडी थाना क्षेत्र के चटनिया गांव का निवासी था। आज वह रफीगंज रेलवे स्टेशन के पास मेन लाइन के आसपास फोन लाइन से संबंधित काम में लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान ही संभवतः चंद्रदीप के मोबाइल पर उसकी पत्नी का फोन आया। वह कान में इयरफोन लगाकर बात करने लगा और इसी दौरान अनजाने में मेन रेलवे लाइन पर चला गया। फोन पर बातचीत में व्यस्त रहने के कारण वह आने वाली ट्रेन को देख नहीं सका। इसी बीच कंसारा और चंद्रहेटा के बीच रेलवे पिलर संख्या 511/22 के पास तेज गति से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से युवक का शरीर पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और गांव से आए स्वजन भी रफीगंज पहुंचे। 20 जनवरी को वेतन मिलने के बाद घर जाने वाला था चंद्रदीप चंद्रदीप अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि उसकी मां नेत्रहीन है। साल 2025 के अप्रैल महीने में ही उसकी शादी हुई थी और उसकी पत्नी इस समय पांच महीने की गर्भवती है। दो भाइयों में चंद्रदीप ही परिवार की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहा था। एक जनवरी को वह अपनी गर्भवती पत्नी का इलाज कराने के बाद काम पर लौटा था। 20 जनवरी को उसे वेतन मिलने वाला था, वह मां के लिए सामान खरीदकर और पत्नी को दिखाने के लिए घर जाने की तैयारी में था।


