नागौर जिला पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में जिले में पहली बार NDPS एक्ट की धारा 68F के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर थाने के हिस्ट्रीशीटर गणेशराम की करीब 25 लाख रुपये की अवैध संपत्ति को सीज कर दिया गया है। काली कमाई से पिता के खेत पर बनाया था ‘महल’ पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी गणेशराम (पुत्र भुराराम जाट) ने सींगड गांव की रोही स्थित खसरा नंबर 1893/175 में अपने पिता के खेत पर एक आलीशान मकान का निर्माण करवाया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस आलीशान निर्माण में लगा एक-एक पैसा मादक पदार्थों की तस्करी की काली कमाई से जुटाया गया था। दिल्ली से मिली हरी झंडी, अब नहीं बचेंगे तस्कर सदर थानाधिकारी सुरेश कस्वां ने 18 दिसंबर 2025 को ऑपरेशन नीलकंठ के तहत इस मकान को फ्रीज करने की कार्रवाई की थी। इसके बाद जब्ती की विस्तृत रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority), दिल्ली को भेजी गई। दिल्ली में चली लंबी सुनवाई और पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों के आधार पर प्राधिकारी ने संपत्ति सीजिंग के आदेश पर अंतिम मुहर लगा दी है। हिस्ट्रीशीटर पर दर्ज हैं 10 गंभीर मामले आरोपी गणेशराम पुलिस की सूची में एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे संगीन अपराधों के कुल 10 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के अन्य तस्करों में भी खलबली मच गई है।


