चित्तौड़गढ़ शहर में 17 जनवरी से रतनबाग में सनातन गौरव समिति, चित्तौड़गढ़ के द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाया जा रहा है। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि पूरे शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आस्था, भक्ति और उत्सव का केंद्र बनेगा। श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति मार्ग और जीवन के मूल संदेशों से जुड़ने का मौका मिलेगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 351 कलशों के साथ होगी शोभायात्रा इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ 17 जनवरी को 351 कलशों के साथ निकलने वाली भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा से होगा। शोभायात्रा प्रातः 9:30 बजे छबीला हनुमान जी मंदिर से शुरू होकर राणा सांगा बाजार और नई पुलिया होते हुए रतनबाग पहुंचेगी। इस शोभायात्रा में 151 से ज्यादा गांवों की प्रभात फेरियां शामिल होंगी। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए चलेंगी। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज से पूरा मार्ग भक्तिमय माहौल में डूब जाएगा। झांकियां और स्वागत की भव्य तैयारी शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, सुसज्जित बग्गियां, केसरिया ध्वज और आकर्षक धार्मिक झांकियां विशेष आकर्षण रहेंगी। भगवान महाकाल की भव्य झांकी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र होगी। शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह तोरण द्वार बनाए जाएंगे और पुष्पवर्षा, आरती व स्वागत मंचों के माध्यम से श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया जाएगा। सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और मोहल्ला समितियों द्वारा शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। केसरिया पताकाओं, दीपों की श्रृंखला और पुष्प सजावट से पूरा शहर धर्ममय उत्सव में बदल जाएगा। श्रीमद्भागवत कथा और यज्ञ आयोजन 17 जनवरी से 23 जनवरी तक हर रोज दोपहर 12 बजे से सायं 3 बजे तक ध्यानयोगी श्री श्री 1008 परमपूज्य गुरुदेव अनंत विभूषित महामंडलेश्वर उत्तम स्वामीजी महाराज (उत्तम सेवा धाम, बांसवाड़ा) के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जाएगा। कथा से पूर्व प्रतिदिन एक कुंडीय यज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें प्रतिदिन पांच जोड़े आहुतियां अर्पित करेंगे। इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। कथा स्थल की विशेष व्यवस्थाएं श्रीमद्भागवत कथा को लेकर रतनबाग स्थित कथा स्थल पर विशाल और आकर्षक पांडाल का निर्माण किया गया है। धार्मिक और सांस्कृतिक थीम पर सजे इस पांडाल में हजारों श्रद्धालुओं के एक साथ बैठने की व्यवस्था की गई है। भव्य मंच, सुंदर पुष्प सजावट, आकर्षक रोशनी, उत्तम ध्वनि व्यवस्था और विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि हर श्रद्धालु आसानी से कथा सुन सके। कथा स्थल पर महापुरुषों के चित्र भी लगाए गए हैं।


