मुंगेर के मुंगेर क्लब परिसर में जीविका और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के संयुक्त तत्वावधान में एक ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर, भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक नटराजन और जिला परियोजना प्रबंधक अमित कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन और लघु उद्योग के लिए मदद इस शिविर में भारतीय स्टेट बैंक की जिले की सभी शाखाओं के माध्यम से जीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को कुल 11 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। यह ऋण स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया गया है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकें। दीदियां न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज का नाम कर रही रोशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाएं आज सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की सशक्त आधारशिला बन चुकी हैं। उन्होंने जीविका दीदियों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज और जिले का नाम रोशन कर रही हैं। डीएम ने आशा व्यक्त की कि दीदियां अपने प्रयासों से जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगी तथा अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी संवारेंगी। बैंक जीविका के साथ मिलकर सशक्तिकरण के लिए कार्य करता रहेगा भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक नटराजन ने बैंक और जीविका समूहों के बीच निरंतर सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि दीदियों को समय पर ऋण उपलब्ध हो सके और वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बैंक जीविका के साथ मिलकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य करता रहेगा। मशरूम लेडी बोलीं -जीविका से जुड़ने के बाद आए सकारात्मक बदलाव इस अवसर पर ‘मशरूम लेडी’ के नाम से प्रसिद्ध एक जीविका दीदी ने भी अपने अनुभव साझा किए। हवेली खड़गपुर की सुनीता दीदी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले सीमित संसाधनों के कारण आगे बढ़ना कठिन था, लेकिन अब वे अपने व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने जीविका दीदियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि जीविका एवं भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से महिलाओं का सशक्तिकरण और अधिक मजबूत होगा, जिससे जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। मुंगेर के मुंगेर क्लब परिसर में जीविका और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के संयुक्त तत्वावधान में एक ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर, भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक नटराजन और जिला परियोजना प्रबंधक अमित कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन और लघु उद्योग के लिए मदद इस शिविर में भारतीय स्टेट बैंक की जिले की सभी शाखाओं के माध्यम से जीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को कुल 11 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। यह ऋण स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया गया है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकें। दीदियां न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज का नाम कर रही रोशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाएं आज सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की सशक्त आधारशिला बन चुकी हैं। उन्होंने जीविका दीदियों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज और जिले का नाम रोशन कर रही हैं। डीएम ने आशा व्यक्त की कि दीदियां अपने प्रयासों से जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगी तथा अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी संवारेंगी। बैंक जीविका के साथ मिलकर सशक्तिकरण के लिए कार्य करता रहेगा भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक नटराजन ने बैंक और जीविका समूहों के बीच निरंतर सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि दीदियों को समय पर ऋण उपलब्ध हो सके और वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बैंक जीविका के साथ मिलकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य करता रहेगा। मशरूम लेडी बोलीं -जीविका से जुड़ने के बाद आए सकारात्मक बदलाव इस अवसर पर ‘मशरूम लेडी’ के नाम से प्रसिद्ध एक जीविका दीदी ने भी अपने अनुभव साझा किए। हवेली खड़गपुर की सुनीता दीदी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले सीमित संसाधनों के कारण आगे बढ़ना कठिन था, लेकिन अब वे अपने व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने जीविका दीदियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि जीविका एवं भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से महिलाओं का सशक्तिकरण और अधिक मजबूत होगा, जिससे जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।


