ईरान में अभी हालात सही नहीं हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक इस हिंसा में 3400 से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं इस विरोध प्रदर्शन में 26 वर्षीय इरफान सोलतानी का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने सोलतानी को 10 जनवरी को गिरफ्तार किया था और उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। इरफान सोलतानी को 14 जनवरी को फांसी दी जानी थी, लेकिन नहीं दे पाए। वहीं इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है।
मौत की नहीं सुनाई गई सजा
गुरुवार को ईरान की न्यायपालिका ने इरफान सोलतानी को लेकर कहा कि उन्हें मौत की सजा नहीं सुनाई गई है। साथ ही कहा कि उन पर कोई ऐसे आरोप भी नहीं हैं जिनके तहत मौत की सजा का प्रावधान हो।
वहीं सरकारी टेलीविजन द्वारा प्रसारित एक बयान के अनुसार, इरफान सोलतानी तेहरान के पास कराज जेल में बंद हैं और उन पर इस्लामी व्यवस्था के खिलाफ प्रचार करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप है, जो ईरानी कानून के तहत कारावास की सजा के योग्य अपराध हैं।
कौन है इरफान सोलतानी?
ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले इरफान सोलतानी को पुलिस ने 10 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद खबरें सामने आई थीं कि उन्हें फांसी दी जा सकती है।
नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन हेंगाव के अनुसार, सोलतानी को ईरान के मध्य प्रांत कराज के फरदिस शहर में हुए आंदोलन के सिलसिले में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। इसके चार दिन बाद उनके परिवार को सूचित किया गया कि उनकी फांसी की तारीख तय कर दी गई है।
इसके अलावा, सीएनएन के अनुसार, उनके परिवार को मामले से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं दी गई है, जिसमें उन पर लगे आरोपों की जानकारी भी शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोलतानी एक कपड़ा विक्रेता है और उसका परिवार तेहरान के पास रहता है, हेंगाव के प्रतिनिधि अव्यार शेखी ने यह जानकारी दी।


