बेगूसराय में इन दिनों रंगमंच के बाल कलाकारों को नए तरीके से तराशा जा रहा है। इसके लिए बाल रंगमंच आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी बीहट की ओर से विशेष नाट्य एवं अभिनय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जहां प्रतिभागियों को अभिनय की बारीकियों, रंगमंच की मूल समझ, शारीरिक एवं वाचिक अभिव्यक्ति, मंच अनुशासन और चरित्र निर्माण से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला का संचालन गगन श्रीवास्तव कर रहे हैं। गगन श्रीवास्तव अभिनेता, अभिनय प्रशिक्षक एवं निर्देशक हैं। उनका जन्म और प्रारंभिक रंगमंचीय कार्य भोपाल में हुआ। वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। लंदन विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली और मध्य प्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा भोपाल से अभिनय एवं रंगमंच का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रतिभागियों को दी जा रही है ट्रेनिंग गगन के निर्देशन में प्रतिभागियों को अभिनय की तकनीक, संवाद अदायगी, भाव-प्रेषण तथा मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने के प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान विशेष रूप से समझाया जा रहा है कि अभिनय केवल कुछ करके दिखा देना नहीं है, बल्कि किसी स्थिति में पूरी तरह रहना ही सच्चा अभिनय है। प्रतिभागियों को सिखाया जा रहा है कि अपने शरीर को कैसे ऊर्जा से भरें, उसे जागृत करें और नाटक की प्रक्रिया की ओर स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ें। अभिनय में शरीर, मन और भाव की एकता पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे प्रस्तुति सजीव और प्रभावशाली बन सके। एक फरवरी को कार्यशाला का आयोजन निदेशक ऋषिकेश कुमार ने बताया कि इस नाट्य कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में छिपी प्रतिभा को निखारना, रंगमंच के प्रति रुचि विकसित करना तथा समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। बाल रंगमंच आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी निरंतर कला और संस्कृति के क्षेत्र में सार्थक पहल करती रही है। यह कार्यशाला उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यशाला में स्थानीय बच्चों एवं युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। एक फरवरी को कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों द्वारा सीखी गई विधाओं पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी प्रस्तुत की जाएगी। इसके लिए भी तैयारी चल रही है। बाल रंगमंच का प्रयास समाज के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक फिलहाल नाट्य प्रशिक्षण के जरिए बच्चे खुद में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मक सोच विकसित कर रहे हैं। फिलहाल बाल रंगमंच का यह प्रयास समाज के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल बन रहा है। कार्यशाला में आंचल कुमारी, साक्षी कुमारी, राज लक्ष्मी, प्राची, आकाश कुमार, विजेंद्र कुमार, कुणाल कुमार, राजेश कुमार, मुस्कान कुमारी, रिया कुमारी, आयुष कुमार, रोहित कुमार, नीतीश कुमार एवं सुमित सहित अन्य कलाकार प्रशिक्षण ले रहे हैं। बेगूसराय में इन दिनों रंगमंच के बाल कलाकारों को नए तरीके से तराशा जा रहा है। इसके लिए बाल रंगमंच आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी बीहट की ओर से विशेष नाट्य एवं अभिनय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जहां प्रतिभागियों को अभिनय की बारीकियों, रंगमंच की मूल समझ, शारीरिक एवं वाचिक अभिव्यक्ति, मंच अनुशासन और चरित्र निर्माण से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला का संचालन गगन श्रीवास्तव कर रहे हैं। गगन श्रीवास्तव अभिनेता, अभिनय प्रशिक्षक एवं निर्देशक हैं। उनका जन्म और प्रारंभिक रंगमंचीय कार्य भोपाल में हुआ। वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। लंदन विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली और मध्य प्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा भोपाल से अभिनय एवं रंगमंच का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रतिभागियों को दी जा रही है ट्रेनिंग गगन के निर्देशन में प्रतिभागियों को अभिनय की तकनीक, संवाद अदायगी, भाव-प्रेषण तथा मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने के प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान विशेष रूप से समझाया जा रहा है कि अभिनय केवल कुछ करके दिखा देना नहीं है, बल्कि किसी स्थिति में पूरी तरह रहना ही सच्चा अभिनय है। प्रतिभागियों को सिखाया जा रहा है कि अपने शरीर को कैसे ऊर्जा से भरें, उसे जागृत करें और नाटक की प्रक्रिया की ओर स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ें। अभिनय में शरीर, मन और भाव की एकता पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे प्रस्तुति सजीव और प्रभावशाली बन सके। एक फरवरी को कार्यशाला का आयोजन निदेशक ऋषिकेश कुमार ने बताया कि इस नाट्य कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में छिपी प्रतिभा को निखारना, रंगमंच के प्रति रुचि विकसित करना तथा समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। बाल रंगमंच आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी निरंतर कला और संस्कृति के क्षेत्र में सार्थक पहल करती रही है। यह कार्यशाला उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यशाला में स्थानीय बच्चों एवं युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। एक फरवरी को कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों द्वारा सीखी गई विधाओं पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी प्रस्तुत की जाएगी। इसके लिए भी तैयारी चल रही है। बाल रंगमंच का प्रयास समाज के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक फिलहाल नाट्य प्रशिक्षण के जरिए बच्चे खुद में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मक सोच विकसित कर रहे हैं। फिलहाल बाल रंगमंच का यह प्रयास समाज के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल बन रहा है। कार्यशाला में आंचल कुमारी, साक्षी कुमारी, राज लक्ष्मी, प्राची, आकाश कुमार, विजेंद्र कुमार, कुणाल कुमार, राजेश कुमार, मुस्कान कुमारी, रिया कुमारी, आयुष कुमार, रोहित कुमार, नीतीश कुमार एवं सुमित सहित अन्य कलाकार प्रशिक्षण ले रहे हैं।


