मुजफ्फरनगर में एक किशोरी के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी सुमित को अदालत ने 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अपर एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) की पीठासीन अधिकारी अलका भारती ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 10 अप्रैल 2021 की रात तितावी थाना क्षेत्र में हुई थी। अभियुक्त सुमित नाबालिग पीड़िता को मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता के पिता को अगली सुबह घटना का पता चला, जिसके बाद 14 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी सुमित के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष अपर एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) में हुई। मंगलवार को न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, धारा 363 (अपहरण) में तीन वर्ष का कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड, तथा धारा 366 (अपहरण कर विवाह के लिए मजबूर करना) में चार वर्ष का कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।


