उन्नाव के कटरी पीपरखेड़ा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। भू-माफिया यहां प्लाटिंग कर खुलेआम जमीन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा नोटिस चस्पा किए जाने के बावजूद अवैध कब्जा जारी है। यह मामला कटरी पीपरखेड़ा गांव स्थित खाता संख्या 2078 और 2011 से संबंधित है। इन सरकारी भूमियों का कुल रकबा लगभग 9 और 10 बीघा बताया जा रहा है। आरोप है कि भू-माफिया लंबे समय से इन जमीनों पर बाउंड्री कराकर प्लॉट काट रहे हैं और उन्हें बेच रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल निषाद ने इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों और जिलाधिकारी को पत्राचार के माध्यम से शिकायत भेजी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कब्जे की जानकारी देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बढ़े हैं। हाल ही में, प्रधान प्रतिनिधि अनिल निषाद खाता संख्या 2011 में हो रहे कब्जे और निर्माण कार्य की शिकायत लेकर फिर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सहायक अभिलेख अधिकारी (ARO) प्रशांत नायक को प्रार्थना पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि शुक्रवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। उन्होंने अवैध कब्जे के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि खाता संख्या 2078 का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। जबकि, खाता संख्या 2011 में कब्जेदारी और प्लॉट निर्माण की शिकायत सामने आई है, जिस पर राजस्व विभाग की टीम जांच के बाद सख्त कार्रवाई करेगी। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जांच के बाद अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलने की भी संभावना है।कटरी पीपरखेड़ा क्षेत्र पहले भी सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर सुर्खियों में रहा है। इसके बावजूद यदि भू-माफिया बेखौफ होकर प्लाटिंग और बिक्री कर रहे हैं, तो यह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों में भी इसको लेकर नाराजगी है और वे चाहते हैं कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।


