सोनभद्र जनपद में धान खरीद प्रक्रिया अचानक रुक जाने से किसानों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है। जिले के विभिन्न खरीद केंद्रों पर अभी भी हजारों क्विंटल धान मौजूद है, लेकिन खरीद बंद होने के कारण किसान अपनी उपज बेचने में असमर्थ हैं। अधिकारियों के अनुसार, किसानों के अंगूठा सत्यापन (बायोमेट्रिक) के आधार पर खरीद लक्ष्य पूरा दिख रहा है, जिसके कारण पोर्टल पर आगे की खरीद संभव नहीं हो पा रही है। हैरानी की बात यह है कि अब तक किसानों या केंद्र प्रभारियों को खरीद बंद किए जाने की कोई लिखित सूचना जारी नहीं की गई है। इस स्थिति से स्वयं विभागीय अधिकारी भी असमंजस में हैं। कई केंद्रों पर धान रखने की जगह नहीं बची है, वहीं किसानों को आशंका है कि खरीद में देरी होने पर फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों की मांग है कि जब तक क्रय केंद्रों पर मौजूद किसानों के धान की खरीद पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रक्रिया चालू रखी जाए। किसानों ने यह भी मांग की है कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। अन्यथा यह स्थिति एक बड़े किसान आंदोलन का रूप ले सकती है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के नेता संदीप मिश्र ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर पारदर्शी, नियमित और सुचारु रूप से धान की खरीद शुरू नहीं की गई, तो किसान संगठन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी टकराव या अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।


