किशनगंज के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में सक्रिय इंट्री माफियाओं के खिलाफ पटना से CID की विशेष टीम ने जांच शुरू कर दी है। यह टीम ठाकुरगंज थाना कांड संख्या 174/2025 की गहन जांच कर रही है, जो जीरणगछ टोल प्लाजा के निकट हुई भैंस लूट की घटना से संबंधित है। यह घटना 11 अगस्त 2025 को जीरणगछ टोल प्लाजा के पास हुई थी। हथियारबंद लुटेरों ने भैंस को जबरन लूट लिया और मौके से फरार हो गए। शिकायतकर्ता जहरुल ने स्थानीय पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। स्थानीय पुलिस द्वारा इंट्री माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने के कारण यह मामला पटना पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा। इसके बाद CID की टीम ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। शिकायतकर्ता से CID ने की पूछताछ CID टीम का नेतृत्व एडिशनल एसपी आलोक कुमार सिंह कर रहे हैं। टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, जहां भैंस को बांधकर रखा गया था। टीम ने वहां का निरीक्षण करने के साथ-साथ शिकायतकर्ता जहरुल से भी पूछताछ की। इसके बाद टीम ने ठाकुरगंज थाना पहुंचकर अब तक की पुलिस जांच की जानकारी ली। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य 10 अभियुक्तों की तलाश जारी है। जांच के दौरान एक नया मोड़ आया है। शिकायतकर्ता जहरुल ने पटना के व्यवहार न्यायालय में एक शपथ पत्र दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने आरोपी जवारुल हक (पिता अलीमुद्दीन, निवासी अमल झड़ी) की संलिप्तता से इनकार किया है। टोल प्लाजा के पास अपराधों को देते हैं अंजाम ठाकुरगंज क्षेत्र बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा से सटा हुआ है, जिसके कारण इंट्री माफिया यहां पशु तस्करी और लूटपाट जैसी अवैध गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। जीरणगछ टोल प्लाजा जैसे स्थानों पर वे अक्सर वाहनों की जांच के बहाने अपराधों को अंजाम देते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, टोल प्लाजा के पास ऐसी घटनाएं सामान्य हो गई थीं। CID टीम इस लूट के पीछे सक्रिय माफियाओं, उनके गिरोह की संरचना और पहले कार्रवाई न होने के कारणों की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम जल्द ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पटना मुख्यालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। किशनगंज के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में सक्रिय इंट्री माफियाओं के खिलाफ पटना से CID की विशेष टीम ने जांच शुरू कर दी है। यह टीम ठाकुरगंज थाना कांड संख्या 174/2025 की गहन जांच कर रही है, जो जीरणगछ टोल प्लाजा के निकट हुई भैंस लूट की घटना से संबंधित है। यह घटना 11 अगस्त 2025 को जीरणगछ टोल प्लाजा के पास हुई थी। हथियारबंद लुटेरों ने भैंस को जबरन लूट लिया और मौके से फरार हो गए। शिकायतकर्ता जहरुल ने स्थानीय पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। स्थानीय पुलिस द्वारा इंट्री माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने के कारण यह मामला पटना पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा। इसके बाद CID की टीम ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। शिकायतकर्ता से CID ने की पूछताछ CID टीम का नेतृत्व एडिशनल एसपी आलोक कुमार सिंह कर रहे हैं। टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, जहां भैंस को बांधकर रखा गया था। टीम ने वहां का निरीक्षण करने के साथ-साथ शिकायतकर्ता जहरुल से भी पूछताछ की। इसके बाद टीम ने ठाकुरगंज थाना पहुंचकर अब तक की पुलिस जांच की जानकारी ली। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य 10 अभियुक्तों की तलाश जारी है। जांच के दौरान एक नया मोड़ आया है। शिकायतकर्ता जहरुल ने पटना के व्यवहार न्यायालय में एक शपथ पत्र दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने आरोपी जवारुल हक (पिता अलीमुद्दीन, निवासी अमल झड़ी) की संलिप्तता से इनकार किया है। टोल प्लाजा के पास अपराधों को देते हैं अंजाम ठाकुरगंज क्षेत्र बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा से सटा हुआ है, जिसके कारण इंट्री माफिया यहां पशु तस्करी और लूटपाट जैसी अवैध गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। जीरणगछ टोल प्लाजा जैसे स्थानों पर वे अक्सर वाहनों की जांच के बहाने अपराधों को अंजाम देते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, टोल प्लाजा के पास ऐसी घटनाएं सामान्य हो गई थीं। CID टीम इस लूट के पीछे सक्रिय माफियाओं, उनके गिरोह की संरचना और पहले कार्रवाई न होने के कारणों की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम जल्द ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पटना मुख्यालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।


