वाराणसी नगर निगम परिक्षेत्र में अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में इंग्लिशिया लाइन (मलदहिया) स्थित किसान फूल मंडी स्थित करोड़ों की भूमि से नगर निगम ने अवैध कब्जाधारकों को बेदखल कर दिया। नगर निगम एक अधिकारियों ने बताया यह भूमि रक्षा सम्पदा विभाग की है। और नगर निगम के प्रबंधाधीन है। ऐसे में नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जाधारक विशाल दुबे को बेदखल करते हुए किसान फूल मंडी को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इसके अंदर बानी दुकान को ही सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद किसानों में हर्ष का माहौल देखने को मिला। नगर निगम ने अपने कंट्रोल में ली किसान फूल मंडी शहर की सबसे बड़ी किसान फूल मंडी (मलदहिया) पर अब नगर निगम का कंट्रोल होगा। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया – किसान फूल मंडी को लेकर दिसंबर 2025 इ कार्रवाई चल रही थी। वरुणा पार के जोनल अधिकारी ने 30 दिसंबर को दर्ज भवन संख्या एस 21/112-के-1 प्रमोद कुमार नाम को खारिज करते हुए पीला कार्ड निरस्त कर दिया था। रक्षा संपदा विभाग के स्वामित्व की यह जमीन वैधानिक रूप से नगर निगम के कंट्रोल में है। इसके बावजूद नियमविरुद्ध तरीके से किराए की वसूली की जा रही थी। ऐसे में नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए इसे अपने कब्जे में ले लिया है। अर्जी हुई खारिज सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव – किसान फूल मंडी में लोगों से किराया वसूलने वाले विशाला दुबे ने इस संबंध में नगर निगम में अपील भी की थी। लेकिन उसके डरा कोई भी कानूनी साक्ष्य पेश न कर पाने की वजह से उसकी अर्जी ख़ारिज कर दी गयी। निगम ने अब इस क्षेत्र में माला-फूल का कारोबार करने वाले विक्रेताओं को निगम के साथ औपचारिक एग्रीमेंट करना होगा। साथ ही व्यापारियों को सीधे नगर निगम को किराया देना होगा। पूर्व में यहां अवैध कब्जाधारक के नाम पर टैक्स और रसीदें काटी जा रही थीं। जिसे पूरी तरह से अवैध घोषित कर दिया गया है। नगर निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से जहां राजस्व में वृद्धि होगी, वहीं करीब 500 किसानों और व्यापारियों को व्यवस्थित जगह मिल सकेगी। नगर आयुक्त की चेतावनी नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अपने आदेश में कहा कि कब्जा की गयी भूमि पर यदि कोई अवैध कब्जा जारी रहता है। तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग को आदेश दिया है कि मंडी परिसर में नियमों के अनुसार किराया वसूली और प्रबंधन की तत्काल व्यवस्था की जाए।


