डीएम आनंद शर्मा की फार्मर रजिस्ट्रेशन पर पैनी नजर:समस्याओं के त्वरित समाधान को पंचायतों में जांच कर रहे अधिकारी

डीएम आनंद शर्मा की फार्मर रजिस्ट्रेशन पर पैनी नजर:समस्याओं के त्वरित समाधान को पंचायतों में जांच कर रहे अधिकारी

मधुबनी जिले में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने किसानों को सरकारी योजनाओं एवं विभाग की तरफ से प्रदान की जा रही सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की प्रगति की समीक्षा की। यह समीक्षा बुधवार को आवंटित पंचायतों के पदाधिकारियों द्वारा कराई गई। जिला प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के तहत, जिलाधिकारी के निर्देश पर संबद्ध पंचायतों के पदाधिकारियों ने बासोपट्टी प्रखंड की महीनाथपुर पंचायत में चल रहे फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की जांच की। इस दौरान, पदाधिकारियों ने पंचायत में चल रहे परिमार्जन (जमाबंदी सुधार) कार्यों की भी समीक्षा की, ताकि रजिस्ट्रेशन में आ रही जमाबंदी संबंधी बाधाओं को दूर किया जा सके। बुधवार को जिले की कुल 103 पंचायतों में संबद्ध पदाधिकारियों द्वारा फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की समीक्षा की गई। इसी क्रम में महीनाथपुर पंचायत की भी जांच की गई। जांच के दौरान, पदाधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। किसान रजिस्ट्री और ई-केवाईसी अभियान 6 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस अभियान के तहत, पदाधिकारी ई-केवाईसी की स्थिति, राजस्व कर्मचारियों के स्तर पर सक्रिय आईडी की संख्या, किसानों को जागरूक करने की प्रक्रिया, प्रति घंटे किए जा रहे रजिस्ट्रेशन की संख्या और पूरी प्रक्रिया के दौरान आ रही बाधाओं का अवलोकन कर रहे हैं। इन बाधाओं का त्वरित गति से निराकरण भी कराया जा रहा है। पंचायत में कार्यरत किसान सलाहकार द्वारा संबंधित किसान का ई-केवाईसी करने के बाद, डेटा संबंधित पंचायत/हल्का के राजस्व कर्मचारी के लॉगिन में प्रदर्शित होता है। राजस्व कर्मचारी को उस किसान से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण जैसे ऑनलाइन जमाबंदी संख्या और बायोमेट्रिक/आइरिस फोटो का संधारण कर समय पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करनी होती है। इस प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी किसानों से 21 जनवरी 2026 तक अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन करा लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि सभी किसान अपने नजदीकी सीएससी सेंटर (वसुधा केंद्र) पर जाकर फार्मर आईडी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। मधुबनी जिले में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने किसानों को सरकारी योजनाओं एवं विभाग की तरफ से प्रदान की जा रही सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की प्रगति की समीक्षा की। यह समीक्षा बुधवार को आवंटित पंचायतों के पदाधिकारियों द्वारा कराई गई। जिला प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के तहत, जिलाधिकारी के निर्देश पर संबद्ध पंचायतों के पदाधिकारियों ने बासोपट्टी प्रखंड की महीनाथपुर पंचायत में चल रहे फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की जांच की। इस दौरान, पदाधिकारियों ने पंचायत में चल रहे परिमार्जन (जमाबंदी सुधार) कार्यों की भी समीक्षा की, ताकि रजिस्ट्रेशन में आ रही जमाबंदी संबंधी बाधाओं को दूर किया जा सके। बुधवार को जिले की कुल 103 पंचायतों में संबद्ध पदाधिकारियों द्वारा फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की समीक्षा की गई। इसी क्रम में महीनाथपुर पंचायत की भी जांच की गई। जांच के दौरान, पदाधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। किसान रजिस्ट्री और ई-केवाईसी अभियान 6 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस अभियान के तहत, पदाधिकारी ई-केवाईसी की स्थिति, राजस्व कर्मचारियों के स्तर पर सक्रिय आईडी की संख्या, किसानों को जागरूक करने की प्रक्रिया, प्रति घंटे किए जा रहे रजिस्ट्रेशन की संख्या और पूरी प्रक्रिया के दौरान आ रही बाधाओं का अवलोकन कर रहे हैं। इन बाधाओं का त्वरित गति से निराकरण भी कराया जा रहा है। पंचायत में कार्यरत किसान सलाहकार द्वारा संबंधित किसान का ई-केवाईसी करने के बाद, डेटा संबंधित पंचायत/हल्का के राजस्व कर्मचारी के लॉगिन में प्रदर्शित होता है। राजस्व कर्मचारी को उस किसान से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण जैसे ऑनलाइन जमाबंदी संख्या और बायोमेट्रिक/आइरिस फोटो का संधारण कर समय पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करनी होती है। इस प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी किसानों से 21 जनवरी 2026 तक अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन करा लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि सभी किसान अपने नजदीकी सीएससी सेंटर (वसुधा केंद्र) पर जाकर फार्मर आईडी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।  

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