बड़वानी के जिला महिला एवं प्रसूति अस्पताल में बुधवार शाम करीब 7 बजे से एक घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान प्रसूति कक्ष अंधेरे में रहने से मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानी हुई। परिजन बोले- यह अस्पताल की लापरवाही पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा गोले ने बताया कि उनकी भतीजी बहू आयुषी राज गोले को प्रसूति के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि संवेदनशील समय में बिजली गुल होने से अनहोनी की आशंका बनी। गोले ने यह भी बताया कि सोमवार और मंगलवार को भी बिजली बार-बार जाती रही थी। शहर निवासी शारदा गोले ने बताया कि उनकी बहू को सुबह 9 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिनभर बिजली बार-बार आई और गई, लेकिन शाम 7 बजे के बाद डेढ़ घंटे तक कक्ष में अंधेरा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। ग्राम चिखलदा निवासी राधा अजनारे ने बताया कि उन्होंने अपनी गांव की महिला आरती बिल्लौरे को दोपहर 3 बजे अस्पताल लाया था। डॉक्टरों ने सीजर की सलाह दी थी। ऐसे में बिजली कटौती बेहद चिंताजनक रही। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन से पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बिजली आपूर्ति बहाल, लेकिन व्यवस्था पर सवाल बिजली कंपनी के लाइनमैन महेंद्र सोलंकी ने बताया कि अस्पताल में लगी डीपी का डीओ खराब हो गया था। नया डीओ लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। हालांकि, अस्पताल में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर लोग आक्राेशित दिखे।


