गोपालगंज के डुमरिया घाट पर नारायणी महोत्सव का शुभारंभ:भोजपुरी गायक रितेश पांडेय ने बांधा समां, DM बोले- संस्कृति से जुड़ रहे युवा

गोपालगंज के डुमरिया घाट पर नारायणी महोत्सव का शुभारंभ:भोजपुरी गायक रितेश पांडेय ने बांधा समां, DM बोले- संस्कृति से जुड़ रहे युवा

गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड स्थित डुमरिया घाट पर बुधवार को नारायणी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। नारायणी नदी के तट पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद, बैकुंठपुर के विधायक मिथलेश तिवारी, गोपालगंज के विधायक सुभाष सिंह और जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह आयोजन जिला प्रशासन और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के संयुक्त देखरेख में आयोजित किया गया है। लोकसंस्कृति और परंपराओं की दिखी झलक उद्घाटन समारोह के दौरान जिले की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और लोकपरंपराओं की झलक देखने को मिली। मंच पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नारायणी अंचल की संस्कृति को दर्शाया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि नारायणी महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जिले की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने का एक सशक्त प्रयास है। स्थानीय कलाकारों को मिलता है मंच अतिथियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच प्रदान करते हैं। साथ ही इससे युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि नारायणी महोत्सव जिले के पर्यटन को भी नई पहचान देने में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है। भोजपुरी गायक रितेश पांडेय ने बांधा समां महोत्सव की मुख्य सांस्कृतिक प्रस्तुति भोजपुरी के चर्चित गायक रितेश पांडेय ने दी। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, दर्शकों में उत्साह देखने लायक था। रितेश पांडेय ने एक से बढ़कर एक लोकप्रिय भोजपुरी गीत प्रस्तुत किए, जिस पर हजारों दर्शक झूमते नजर आए। उनके गीतों पर लोग तालियों और मोबाइल की फ्लैश लाइट के साथ कार्यक्रम का आनंद लेते दिखे। हजारों दर्शकों की उमड़ी भीड़ नारायणी नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे। दूर-दराज के गांवों से भी लोग कार्यक्रम देखने आए। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, रोशनी और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे लोग बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम का आनंद ले सकें। डीएम बोले-संस्कृति से जुड़ रहे युवा जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि नारायणी महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन युवाओं को कला, संगीत और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जिले की पहचान राज्य स्तर पर और मजबूत हो। मंत्री ने की आयोजन की सराहना आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति समाज को जोड़ने का माध्यम हैं और इससे आपसी भाईचारा और सौहार्द मजबूत होता है। सरकार ऐसे आयोजनों को आगे भी प्रोत्साहित करती रहेगी। गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कलाकार और आम नागरिक मौजूद रहे। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी नारायणी महोत्सव इसी तरह भव्य रूप में आयोजित होता रहेगा। गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड स्थित डुमरिया घाट पर बुधवार को नारायणी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। नारायणी नदी के तट पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद, बैकुंठपुर के विधायक मिथलेश तिवारी, गोपालगंज के विधायक सुभाष सिंह और जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह आयोजन जिला प्रशासन और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के संयुक्त देखरेख में आयोजित किया गया है। लोकसंस्कृति और परंपराओं की दिखी झलक उद्घाटन समारोह के दौरान जिले की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और लोकपरंपराओं की झलक देखने को मिली। मंच पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नारायणी अंचल की संस्कृति को दर्शाया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि नारायणी महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जिले की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने का एक सशक्त प्रयास है। स्थानीय कलाकारों को मिलता है मंच अतिथियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच प्रदान करते हैं। साथ ही इससे युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि नारायणी महोत्सव जिले के पर्यटन को भी नई पहचान देने में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है। भोजपुरी गायक रितेश पांडेय ने बांधा समां महोत्सव की मुख्य सांस्कृतिक प्रस्तुति भोजपुरी के चर्चित गायक रितेश पांडेय ने दी। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, दर्शकों में उत्साह देखने लायक था। रितेश पांडेय ने एक से बढ़कर एक लोकप्रिय भोजपुरी गीत प्रस्तुत किए, जिस पर हजारों दर्शक झूमते नजर आए। उनके गीतों पर लोग तालियों और मोबाइल की फ्लैश लाइट के साथ कार्यक्रम का आनंद लेते दिखे। हजारों दर्शकों की उमड़ी भीड़ नारायणी नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे। दूर-दराज के गांवों से भी लोग कार्यक्रम देखने आए। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, रोशनी और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे लोग बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम का आनंद ले सकें। डीएम बोले-संस्कृति से जुड़ रहे युवा जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि नारायणी महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन युवाओं को कला, संगीत और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जिले की पहचान राज्य स्तर पर और मजबूत हो। मंत्री ने की आयोजन की सराहना आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति समाज को जोड़ने का माध्यम हैं और इससे आपसी भाईचारा और सौहार्द मजबूत होता है। सरकार ऐसे आयोजनों को आगे भी प्रोत्साहित करती रहेगी। गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कलाकार और आम नागरिक मौजूद रहे। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी नारायणी महोत्सव इसी तरह भव्य रूप में आयोजित होता रहेगा।  

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