सिरोही जिले में मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस आंदोलन को अब श्रीमाली ब्राह्मण समाज का भी समर्थन मिल गया है। समाज ने इस परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। श्रीमाली ब्राह्मण समाज की एक बैठक भारजा गांव में आयोजित की गई, जिसमें समाज के वरिष्ठजनों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह खनन परियोजना क्षेत्र के जल, जमीन और जंगल के लिए खतरा है। समाज का मानना है कि इससे जीव-जंतु, किसान, पशुपालक और आदिवासी समाज के अस्तित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। समाज ने 36 कौम सर्व समाज के बैनर तले प्रस्तावित आंदोलन को तन, मन और धन से पूर्ण सहयोग देने की घोषणा की। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह लड़ाई आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के लिए आवश्यक है। यदि सरकार ने खनन परियोजना को निरस्त नहीं किया, तो 28 जनवरी को सर्व समाज के नेतृत्व में एक महा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन सरगामाता मंदिर के पास प्रस्तावित है। खनन परियोजना के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर गुरुवार, 15 जनवरी को सिरोही में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की जाएगी। इसमें खनन संघर्ष समिति, 36 कौम सर्व समाज, राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह रायका और भारतीय किसान संघ सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। पत्रकार वार्ता सुबह 11 बजे, होटल मेहमान इन, राम झरोखा के पास, सिरोही में होगी।


