मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पर पारंपरिक दही–चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इस आयोजन में शहर के कई गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पारंपरिक अंदाज में अतिथियों का स्वागत किया गया और सभी ने दही–चूड़ा, गुड़ व तिलकुट का स्वाद लेकर पर्व की खुशियां साझा कीं। इस मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने उपस्थित लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी सांस्कृतिक परंपराओं, दान-पुण्य और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति हमें आपसी भाईचारे, सहयोग और सद्भाव का संदेश देती है। मंत्री ने पूरे राज्यवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए। कार्यक्रम के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की बधाइयां दीं और झारखंड की पारंपरिक संस्कृति को याद करते हुए आपसी मेल-मिलाप को मजबूत किया। दही–चूड़ा भोज के माध्यम से लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संदेश भी दिया गया। समारोह के सफल आयोजन पर उपस्थित लोगों ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी जुड़ाव और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। मकर संक्रांति का यह आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पर पारंपरिक दही–चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इस आयोजन में शहर के कई गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पारंपरिक अंदाज में अतिथियों का स्वागत किया गया और सभी ने दही–चूड़ा, गुड़ व तिलकुट का स्वाद लेकर पर्व की खुशियां साझा कीं। इस मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने उपस्थित लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी सांस्कृतिक परंपराओं, दान-पुण्य और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति हमें आपसी भाईचारे, सहयोग और सद्भाव का संदेश देती है। मंत्री ने पूरे राज्यवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए। कार्यक्रम के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की बधाइयां दीं और झारखंड की पारंपरिक संस्कृति को याद करते हुए आपसी मेल-मिलाप को मजबूत किया। दही–चूड़ा भोज के माध्यम से लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संदेश भी दिया गया। समारोह के सफल आयोजन पर उपस्थित लोगों ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी जुड़ाव और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। मकर संक्रांति का यह आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।


