औरंगाबाद में मकर संक्रांति पर महोत्सव का शुभारंभ:रंगीन पतंगों से गुलजार हुआ दाउदनगर का आसमान, आंगनबाड़ी सेविकाओं ने पोषक व्यंजनों के बारे में बताया

औरंगाबाद में मकर संक्रांति पर महोत्सव का शुभारंभ:रंगीन पतंगों से गुलजार हुआ दाउदनगर का आसमान, आंगनबाड़ी सेविकाओं ने पोषक व्यंजनों के बारे में बताया

मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर औरंगाबाद के दाउदनगर में उल्लास, परंपरा और सांस्कृतिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोन नदी के काली घाट पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त देखरेख में आयोजित भव्य मकर संक्रांति महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय माहौल में भर दिया। आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों ने लोगों का मन मोह लिया, वहीं इस मनोरम दृश्य का आनंद लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग सोन तट पर उमड़ पड़े। महोत्सव का शुभारंभ काराकाट के सांसद राजाराम सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया, जबकि ओबरा विधायक डॉ. प्रकाशचंद्र ने बैलून और पतंग उड़ाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। उद्घाटन के बाद पतंगोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतियोगिताओं ने उपस्थित लोगों को खूब आनंदित किया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है मकर संक्रांति का पर्व इस मौके पर सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया। साथ ही आयोजन के लिए जिला प्रशासन व कला संस्कृति विभाग को धन्यवाद दिया। कहा कि जिले में कला संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से लगातार सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती है। इससे कलाकारों को उचित मंच मिलता है। नई पीढ़ी को संस्कृति और परंपराओं की जानकारी मिलती है। विधायक डॉ. प्रकाशचंद्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी कला, संस्कृति, खेल और प्रतिभाओं को उचित मंच मिले। दाउदनगर में आयोजित यह महोत्सव उसी दिशा में एक सराहनीय पहल है। अलग-अलग प्रतियोगिताओं का किया गया आयोजन महोत्सव के दौरान रस्साकस्सी, पतंग उड़ाने, मेहंदी, कबड्डी, विज्ञान प्रदर्शनी सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों के साथ-साथ दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। रस्साकस्सी प्रतियोगिता में जोश और उमंग चरम पर रही, जबकि पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता में बच्चों और युवाओं ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने स्टॉल लगाकर दी पोषण की जानकारी आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच आयोजित पोषक खाद्य पदार्थ प्रतियोगिता महोत्सव का मुख्य आकर्षण बनी। इस प्रतियोगिता के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। सेविकाओं ने स्थानीय व पारंपरिक पोषक व्यंजनों को प्रदर्शित कर संतुलित आहार के महत्व को रेखांकित किया। विज्ञान प्रदर्शनी में स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपने नवाचारी मॉडलों के जरिए वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान स्लोगन और संदेशों के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में लोकगीत और नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर औरंगाबाद के दाउदनगर में उल्लास, परंपरा और सांस्कृतिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोन नदी के काली घाट पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त देखरेख में आयोजित भव्य मकर संक्रांति महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय माहौल में भर दिया। आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों ने लोगों का मन मोह लिया, वहीं इस मनोरम दृश्य का आनंद लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग सोन तट पर उमड़ पड़े। महोत्सव का शुभारंभ काराकाट के सांसद राजाराम सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया, जबकि ओबरा विधायक डॉ. प्रकाशचंद्र ने बैलून और पतंग उड़ाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। उद्घाटन के बाद पतंगोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतियोगिताओं ने उपस्थित लोगों को खूब आनंदित किया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है मकर संक्रांति का पर्व इस मौके पर सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया। साथ ही आयोजन के लिए जिला प्रशासन व कला संस्कृति विभाग को धन्यवाद दिया। कहा कि जिले में कला संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से लगातार सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती है। इससे कलाकारों को उचित मंच मिलता है। नई पीढ़ी को संस्कृति और परंपराओं की जानकारी मिलती है। विधायक डॉ. प्रकाशचंद्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी कला, संस्कृति, खेल और प्रतिभाओं को उचित मंच मिले। दाउदनगर में आयोजित यह महोत्सव उसी दिशा में एक सराहनीय पहल है। अलग-अलग प्रतियोगिताओं का किया गया आयोजन महोत्सव के दौरान रस्साकस्सी, पतंग उड़ाने, मेहंदी, कबड्डी, विज्ञान प्रदर्शनी सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों के साथ-साथ दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। रस्साकस्सी प्रतियोगिता में जोश और उमंग चरम पर रही, जबकि पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता में बच्चों और युवाओं ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने स्टॉल लगाकर दी पोषण की जानकारी आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच आयोजित पोषक खाद्य पदार्थ प्रतियोगिता महोत्सव का मुख्य आकर्षण बनी। इस प्रतियोगिता के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। सेविकाओं ने स्थानीय व पारंपरिक पोषक व्यंजनों को प्रदर्शित कर संतुलित आहार के महत्व को रेखांकित किया। विज्ञान प्रदर्शनी में स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपने नवाचारी मॉडलों के जरिए वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान स्लोगन और संदेशों के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में लोकगीत और नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।  

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