डूंगरपुर में मकर संक्रांति पर बुधवार को सुबह से ही पतंगबाजी का जबरदस्त उत्साह देखा गया। युवा से लेकर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी पतंगबाजी में लीन रहे। इस दौरान लोगों ने दान-पुण्य भी किया। डीजे की धुन और भोंपू की आवाज के साथ घरों की छतों और मैदानों में लोग रंग-बिरंगी पतंगों के दांव-पेंच लड़ाते दिखे। पतंग कटते ही ‘कट्ट है’ की आवाजें गूंज उठीं, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया। सुबह दिन खुलते ही बच्चे पतंग और चरखी लेकर छतों पर चढ़ गए। दोपहर तक आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। पतंगबाजी का यह दौर सुबह से शुरू होकर शाम तक परवान पर चढ़ा रहा।
पतंगबाजी के साथ-साथ लोगों ने दान-पुण्य भी किया। घरों में तिल पापड़ी के लड्डू और चिक्की बनाई गई, जिन्हें लोगों में बांटा गया। घर आए मेहमानों को दान-दक्षिणा दी गई और गायों को भी गो ग्रास, चारा व रोटियां खिलाई गईं।


