भदोही के जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि एसएआर वोट चोरी और मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस दमन और हाउस अरेस्ट करके परेशान कर रही है। जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अमर्यादित व्यवहार किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विपरीत बताया। कई कार्यकर्ताओं को लॉकअप में भी बंद कर दिया गया। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वसीम अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के घरों पर पहुंचकर महिलाओं और बच्चों को भयभीत व परेशान किया। इसके अतिरिक्त, भदोही में कांग्रेस के पदाधिकारियों को शांतिपूर्ण विरोध से रोकने के लिए उनके आवासों पर पुलिस बल तैनात किया गया। जिसे संवैधानिक और लोकतांत्रिक रूप से गलत बताया गया। कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से मांग की है कि ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर दिलीप मिश्रा, राजेंद्र दुबे, अवधेश कुमार, त्रिलोकी नाथ बिंद, शिवपूजन मिश्रा, राजेश दुबे, दीनानाथ दुबे, विशाल गौतम, सुमित शुक्ला सहित अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।


