इटावा पुलिस ने लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के 101 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों को उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिया गया। यह कार्रवाई भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल और यूपी कॉप ऐप पर दर्ज शिकायतों के आधार पर की गई। मोबाइल गुम होने के बाद नागरिकों ने दूरसंचार विभाग के सीईआईआर पोर्टल ‘संचार साथी’ और ‘यूपी कॉप’ ऐप पर शिकायतें दर्ज कराई थीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा, ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सर्विलांस और एसओजी टीम को मोबाइल बरामदगी के निर्देश दिए। टीमों ने तकनीकी और मैनुअल जांच के माध्यम से विभिन्न स्थानों से गुम हुए मोबाइलों की तलाश शुरू की। पहले 4 तस्वीरें देखिए… लगातार प्रयासों और गहन जांच के बाद इटावा सर्विलांस और एसओजी टीम ने विभिन्न कंपनियों के कुल 101 मोबाइल बरामद किए। इन मोबाइलों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 30 लाख रुपये है। मंगलवार को एसएसपी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। मोबाइल वापस मिलने पर कुछ मालिकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। साधना त्रिवेदी नामक एक महिला ने बताया कि उनकी मां की तेरहवीं के दिन उनका मोबाइल पक्का तालाब चौराहा से कही गुम हो गया था और उन्हें इसके वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी। पूरे 2 साल बाद जब पुलिस का फोन आया कि आपका फोन बरामद हो गया है तो मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। इस फोन से मेरी मां की बहुत यादें जुड़ी हुई थी। एक अन्य युवक ने बताया कि उसने पानी की बोतलें बेचकर और कारें साफ करके पैसे जुटाकर यह मोबाइल खरीदा था। फोन वापस मिलने पर उसने पुलिस टीम को सम्मानित भी किया। इस सफलता के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने मोबाइल बरामद करने वाली टीम की सराहना की। उन्होंने टीम के उत्साहवर्धन हेतु 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की। एसएसपी ने आम जनमानस से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाता है तो घबराने के बजाय तुरंत संचार साथी पोर्टल या यूपी कॉप ऐप पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते मोबाइल को खोजकर वापस किया जा सके।


