नीमच के चिकली गांव में मंगलवार को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। मंदिर जाने और सड़क निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया है। इस दौरान जमकर पथराव हुआ। घरों में आग लगा दी गई। घटना का वीडियो भी आज बुधवार को सामने आया है। इस दौरान दोनों पक्षों के लगभग 12 महिला-पुरुष घायल हुए हैं। पुराने विवाद में पत्थरों से हमला करने का लगाया आरोप प्रथम पक्ष के प्रेम सिंह ने आरोप लगाया कि जब उनके परिजन भंवर लाल बालाजी मंदिर गए थे, तब लाल सिंह, धूरा लाल, गोपाल और तेजा ने पुराने विवाद के चलते उन पर पत्थरों से हमला किया। प्रेम सिंह के मुताबिक, गांव में सामाजिक कार्यक्रमों में बुलाने और आने-जाने को लेकर उनके परिवार से लंबे समय से रंजिश चल रही है। इस पक्ष के आठ लोग घायल हुए हैं। इनमें से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों का जिला अस्पताल उपचार चल रहा है, जबकि शेष का मनासा में इलाज जारी है। प्रेम सिंह पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल में थे, तब उनके घर में आग लगा दी गई। दूसरे पक्ष ने सड़क बनने पर विवाद का लगाया आरोप वहीं, दूसरे पक्ष के रमेश और उनके परिजनों ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विवाद की असली वजह गांव में बन रही सीसी रोड है। रमेश पक्ष का दावा है कि प्रेम सिंह का परिवार सड़क निर्माण को लेकर आए दिन विवाद करता है और मंगलवार को भी इसी रंजिश में उनके साथ मारपीट और पत्थरबाजी की गई। घर में आग लगाने का लगाया आरोप रमेश पक्ष ने भी अपने घर में आग लगाए जाने की बात कही है और आरोप लगाया कि सामने वाले पक्ष ने ही उनके घर को आग के हवाले किया। इस हिंसा में एक पक्ष से कमली बाई, कारू लाल और प्रेम सिंह घायल हुए हैं, जबकि दूसरे पक्ष से रमेश, गुजी बाई, दारा लाल और नैना राम सहित अन्य को चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आगजनी के वीडियो साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंपे हैं। कुकड़ेश्वर पुलिस ने मामला संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है और घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।


