माइनर में खांदी कटी, 40 बीघा गेहूं जलमग्न:किसानों ने नहर विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया, मुआवजे की मांग

माइनर में खांदी कटी, 40 बीघा गेहूं जलमग्न:किसानों ने नहर विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया, मुआवजे की मांग

उन्नाव के पुरवा तहसील क्षेत्र के भदनांग गांव में बीएसएनएल टावर के पास स्थित भदनांग माइनर में अचानक खांदी कट गई। इससे नहर का पानी आसपास के खेतों में भर गया, जिससे लगभग 50 बीघा भूमि में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इस घटना से किसानों में हड़कंप मच गया। प्रभावित किसानों में भदनांग गांव के मदन लाल माली, हेमचंद्र, जितेंद्र, श्यामलाल, रामचंद्र अवस्थी और बादीखेड़ा गांव के मनोज शुक्ला सहित अन्य शामिल हैं। किसानों का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल कटाई के लिए लगभग तैयार थी, लेकिन नहर का पानी भरने से उसे भारी नुकसान पहुंचा है। यदि खेतों से पानी जल्द नहीं निकाला गया, तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। पहले दो तस्वीरें देखिए… ग्रामीणों ने बताया कि खांदी कटने की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपने स्तर पर उसे बांधने का प्रयास किया। किसानों ने मिट्टी, बोरी और अन्य उपलब्ध साधनों से पानी रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने शारदा नहर विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन और अन्य माध्यमों से घटना की सूचना दी। किसानों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद नहर विभाग की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी मौके पर न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही मरम्मत कार्य शुरू कराया गया, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने मांग की है कि खांदी को तत्काल बांधा जाए और क्षतिग्रस्त फसल का आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में पुरवा उप जिलाधिकारी प्रमेश श्रीवास्तव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन गूगल मीट के माध्यम से बैठक में व्यस्त होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं, शारदा नहर के अधिशासी अभियंता गगन शुक्ला ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि खांदी बांधने के लिए विभागीय कर्मचारियों को शीघ्र मौके पर भेजा जाएगा। साथ ही नहर में पानी का बहाव कम कर दिया गया है, ताकि खेतों में और अधिक पानी न भर सके।

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