SMS Hospital Jaipur: ट्रॉमा ICU में आधा फीट पानी भरने की खुली पोल, नहीं सुधरी व्यवस्थाएं, करंट से जा सकती थी कई जान

SMS Hospital Jaipur: ट्रॉमा ICU में आधा फीट पानी भरने की खुली पोल, नहीं सुधरी व्यवस्थाएं, करंट से जा सकती थी कई जान

SMS Hospital Trauma ICU: जयपुर: सवाई मानसिंह अस्पताल में तीन महीने पहले न्यूरोसर्जरी आईसीयू में हुए अग्निकांड में छह मरीजों की मौत के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। सोमवार देर रात ट्रॉमा सेंटर स्थित पॉली ट्रॉमा आईसीयू में आधा फीट तक पानी भर गया, जिससे भर्ती गंभीर मरीजों की जान पर संकट खड़ा हो गया। आईसीयू में कुल 14 मरीज भर्ती थे, जिनमें से 10 वेंटिलेटर पर थे।

बता दें कि देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच आईसीयू में पानी भरने लगा। वेंटिलेटर, मॉनिटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के बीच पानी भरने से पूरे वार्ड में करंट फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया। हालात बिगड़ते देख परिजनों में दहशत फैल गई। परिजन मरीजों की जान बचाने की जद्दोजहद करने लगे। डॉक्टर और स्टॉफ ने आनन-फानन में चार वेंटिलेटर मरीजों को मुख्य भवन के बांगड़ परिसर और शेष को इमरजेंसी और ओटी में शिफ्ट किया गया।

यूं खुली लापरवाही की पोल

-पाइप पुराना और जंग लगा हुआ था
-लंबे समय से पाइप में लीकेज था
-पुराने कॉटेज वार्ड के टॉयलेट पाइप को बिना सोचे-समझे बंद कर दिया गया
-मेंटीनेंस के नाम पर हर साल करोड़ों खर्च, फिर भी हालात जस के तस

मॉनिटरिंग सिर्फ दावों तक

मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। विभाग की ओर से नियमित मॉनिटरिंग का दावा किया जाता है, लेकिन आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही है, जो व्यवस्थाओं की पोल खोल रही हैं।

भविष्य में घटना हुई तो कारवाई होगी : राठौड़

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने पॉली ट्रॉमा आईसीयू में पाइप लाइन में हुए लीकेज की घटना का जायजा लिया। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन सभी तकनीकी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, अन्यथा संबंधित अधिकारी एवं एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह बोले अधिकारी

हादसा अचानक हुआ, लेकिन समय रहते स्थिति संभाल ली गई। किसी मरीज को नुकसान नहीं हुआ। मरम्मत के बाद मरीजों को वापस आईसीयू में शिफ्ट किया जाएगा।
-डॉ. आलोक तिवाड़ी, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, पीडब्ल्यूडी

जवाबदेही तय होगी

मामला गंभीर है। प्रिंसिपल को जानकारी दी है। अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पीडब्लूडी की इस मामले में जवाबदेही बनती है।
-डॉ. बीएल यादव, प्रभारी, ट्रॉमा

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