शहर में आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) विभाग द्वारा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की फीस बिना किसी पूर्व नोटिफिकेशन के लगभग दोगुनी कर दिए जाने को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। तीन दिनों तक पुरानी कंपनी की आवेदन साइट बंद रहने के बाद जब आम जनता ने नई कंपनी की वेबसाइट पर आवेदन किया, तो पता चला कि जो सिक्योरिटी नंबर प्लेट की जो ऑनलाइन फीस पहले 217 रुपये थी, उसे बढ़ाकर 485 रुपये कर दिया गया है। यानी सीधे 268 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई, जिससे वाहन मालिकों में नाराजगी फैल गई है। इस अचानक बढ़ी फीस को लेकर स्कूटर मार्केट एसोसिएशन और कार बाजार एसोसिएशन ने कड़ा एतराज जताया है। संगठनों का कहना है कि बिना किसी सार्वजनिक सूचना या सरकारी नोटिफिकेशन के इतनी बड़ी बढ़ोतरी करना पूरी तरह गलत है। साथ ही नई आवेदन प्रक्रिया को भी जटिल बताया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि आवेदन करने पर फॉर्म बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों के पास चला जाता है, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार का फैसला कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला सरकार जब भी कोई बड़ा बदलाव करती है, तो पहले नोटिफिकेशन जारी किया जाता है। बाद उसे लागू किया जाता है। मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। अचानक फीस दोगुना बढ़ाना गलत है और इसका सीधा नुकसान आम जनता को होगा, जबकि निजी कंपनियों को फायदा पहुंचेगा। सरकार को फैसले का प्रचार-प्रसार करना चाहिए था। कारोबारी नाराज- आवेदन मुश्किल, जनता को घाटा दीपक अरोड़ा, स्कूटर बाजार एसोसिएशन ने फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि पहले सरकार 217 रुपये में प्लेट उपलब्ध कराती थी, लेकिन अब वही प्लेट 485 रुपये में डीलर्स लगाएंगे, जिससे जनता को नुकसान व डीलर्स को फायदा हो रहा है। आवेदन प्रक्रिया भी जटिल है।बिना नोटिफिकेशन फैसला लागू करना अनुचित है। नोटिफिकेशन नहीं, मंत्री बोले 10 को बता चुके परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुरानी कंपनी का टेंडर समाप्त हो चुका था और अब सरकार ने यह जिम्मेदारी सियाम को सौंपी है। अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए लोगों को www.siam.in पर जाकर आवेदन करना होगा। तय तारीख पर नंबर प्लेट लगाई जाएगी। परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब कार-स्कूटर डीलर्स को यह कर्तव्य होगा कि वे वाहन बेचते समय ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट प्रिंट कर ग्राहक को उपलब्ध कराएं, ताकि लोगों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। मंत्री के अनुसार, इस सुविधा के कारण कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इससे जनता को सुविधा मिलेगी और दलालों से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 10 जनवरी को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जानकारी दी जा चुकी है। बाजार संगठनों व जनता में विरोध तेज बिट्टू सिंह, कार बाजार एसोसिएशन ने कहा कि अब पुरानी गाड़ियों की नंबर प्लेट लगवाने के लिए भी लोगों को डीलर्स के पास जाना पड़ेगा, जहां न केवल ज्यादा पैसे लिए जा रहे हैं, बल्कि समय भी ज्यादा लग रहा है। पहले जहां 10 मिनट में आवेदन होता था, अब एक घंटे से ज्यादा समय लग रहा है। भास्कर एक्सपर्ट गुरमीत सिंह, पूर्व आरटीए


