अररिया में 50 पारा विधिक स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण संपन्न:जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने किया आयोजन, बची ट्रेनिंग 15 जनवरी को होगी

अररिया में 50 पारा विधिक स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण संपन्न:जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने किया आयोजन, बची ट्रेनिंग 15 जनवरी को होगी

अररिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को नवचयनित पारा विधिक स्वयंसेवकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर विधिक जागरूकता को बढ़ाना और जरूरतमंद लोगों को न्याय प्रणाली से जोड़ना था। अध्यक्षीय संबोधन कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुंजन कुमार पांडेय ने की।अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक समाज के उन गरीब, असहाय और वंचित तबकों के लिए मजबूत सेतु का काम करते हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण न्याय की चौखट तक नहीं पहुँच पाते। सचिव का मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने स्वयंसेवकों को आश्वासन दिया कि उन्हें अपने कार्य के दौरान सभी संसाधन और नियमों के अनुसार सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने ‘100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के बारे में जानकारी साझा की और बताया कि यह अभियान जिले में बाल विवाह को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण सत्र और विशेषज्ञ प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने गहन जानकारी दी। प्रमुख विशेषज्ञ और उनके क्षेत्र इस प्रकार हैं: मंच संचालन की जिम्मेदारी उमर फारूक (लिपिक, एल.ए.डी.सी.एस.) ने कुशलतापूर्वक निभाई। प्रशिक्षण में भागीदारी इस अवसर पर कुल 50 नवचयनित पारा विधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया।शेष 50 स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण 15 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। उम्मीद और प्रभाव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इस प्रयास से अररिया जिले में विधिक सहायता और जागरूकता के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम समाज के गरीब और वंचित तबकों को निःशुल्क और सुलभ विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अररिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को नवचयनित पारा विधिक स्वयंसेवकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर विधिक जागरूकता को बढ़ाना और जरूरतमंद लोगों को न्याय प्रणाली से जोड़ना था। अध्यक्षीय संबोधन कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुंजन कुमार पांडेय ने की।अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक समाज के उन गरीब, असहाय और वंचित तबकों के लिए मजबूत सेतु का काम करते हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण न्याय की चौखट तक नहीं पहुँच पाते। सचिव का मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने स्वयंसेवकों को आश्वासन दिया कि उन्हें अपने कार्य के दौरान सभी संसाधन और नियमों के अनुसार सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने ‘100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के बारे में जानकारी साझा की और बताया कि यह अभियान जिले में बाल विवाह को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण सत्र और विशेषज्ञ प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने गहन जानकारी दी। प्रमुख विशेषज्ञ और उनके क्षेत्र इस प्रकार हैं: मंच संचालन की जिम्मेदारी उमर फारूक (लिपिक, एल.ए.डी.सी.एस.) ने कुशलतापूर्वक निभाई। प्रशिक्षण में भागीदारी इस अवसर पर कुल 50 नवचयनित पारा विधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया।शेष 50 स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण 15 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। उम्मीद और प्रभाव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इस प्रयास से अररिया जिले में विधिक सहायता और जागरूकता के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम समाज के गरीब और वंचित तबकों को निःशुल्क और सुलभ विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

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