गोपालगंज के मॉडल अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने ओपीडी का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने कई विभागों का दौरा किया और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की। चार डॉक्टर ड्यूटी से गायब निरीक्षण के दौरान चार डॉक्टर अपने निर्धारित कार्यस्थल से अनुपस्थित पाए गए। सिविल सर्जन ने इसे अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही माना। इसके बाद चारों डॉक्टरों को “कारण बताओ नोटिस” जारी किया गया। स्पष्टीकरण और वेतन कटौती डॉक्टरों को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा कि वे किन परिस्थितियों में बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित थे।सिविल सर्जन ने एक दिन का वेतन काटने का आदेश भी तुरंत जारी किया। निरीक्षण के दौरान मिली वास्तविक स्थिति निरीक्षण में पाया गया कि दूर-दराज से आए मरीज कतारों में खड़े होकर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे, जबकि कई डॉक्टर अपने चैंबर से गायब थे।सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा रोस्टर के अनुसार ओपीडी की ड्यूटी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक थी, और निरीक्षण के समय (सुबह 10:30 बजे) चारों डॉक्टर बिना किसी अनुमति के अनुपस्थित थे। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा सिविल सर्जन ने निर्देश दिया कि डॉक्टर अपने स्पष्टीकरण जल्द प्रस्तुत करें, अन्यथा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी।यह कदम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। गोपालगंज के मॉडल अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने ओपीडी का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने कई विभागों का दौरा किया और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की। चार डॉक्टर ड्यूटी से गायब निरीक्षण के दौरान चार डॉक्टर अपने निर्धारित कार्यस्थल से अनुपस्थित पाए गए। सिविल सर्जन ने इसे अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही माना। इसके बाद चारों डॉक्टरों को “कारण बताओ नोटिस” जारी किया गया। स्पष्टीकरण और वेतन कटौती डॉक्टरों को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा कि वे किन परिस्थितियों में बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित थे।सिविल सर्जन ने एक दिन का वेतन काटने का आदेश भी तुरंत जारी किया। निरीक्षण के दौरान मिली वास्तविक स्थिति निरीक्षण में पाया गया कि दूर-दराज से आए मरीज कतारों में खड़े होकर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे, जबकि कई डॉक्टर अपने चैंबर से गायब थे।सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा रोस्टर के अनुसार ओपीडी की ड्यूटी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक थी, और निरीक्षण के समय (सुबह 10:30 बजे) चारों डॉक्टर बिना किसी अनुमति के अनुपस्थित थे। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा सिविल सर्जन ने निर्देश दिया कि डॉक्टर अपने स्पष्टीकरण जल्द प्रस्तुत करें, अन्यथा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी।यह कदम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


