मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र में एक यात्री बस दुर्घटना में घायल 75 वर्षीय महिला की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को बोचहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले जाने का फैसला किया। मृतका की पहचान मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र के वेलहां बथनाहां गांव निवासी लालू ठाकुर की पत्नी लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है। वह सोमवार को अपनी आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए सारण जिले के परसा जा रही थीं। यह दुर्घटना मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन सड़क (NH 57) पर कन्हारा हरदास डायवर्सन ब्रेकर के पास हुई। परिजनों के अनुसार दो कारों ने बस को चकमा दिया, जिससे यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में पलट गई। इस हादसे में लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के बाद उन्हें तुरंत बोचहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक इलाज के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य बताई जा रही थी। उन्होंने नाश्ता भी किया था। नाश्ता करने के बाद लक्ष्मी देवी सोने चली गईं, लेकिन फिर नहीं उठीं। परिजनों द्वारा जगाने का प्रयास करने पर भी जब वह नहीं जागीं, तो चिकित्सकों को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कुमार वागीश ने बताया कि महिला का इलाज किया गया था और उनकी स्थिति सामान्य थी। नाश्ते के बाद वह बिस्तर पर लेट गईं और फिर नहीं उठीं। परिजनों ने कुछ घंटों बाद उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं जागीं। चिकित्सक द्वारा जांच करने पर उन्हें मृत पाया गया। इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ ले गए। शव को सरकारी एम्बुलेंस से भेजा गया। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र में एक यात्री बस दुर्घटना में घायल 75 वर्षीय महिला की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को बोचहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले जाने का फैसला किया। मृतका की पहचान मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र के वेलहां बथनाहां गांव निवासी लालू ठाकुर की पत्नी लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है। वह सोमवार को अपनी आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए सारण जिले के परसा जा रही थीं। यह दुर्घटना मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन सड़क (NH 57) पर कन्हारा हरदास डायवर्सन ब्रेकर के पास हुई। परिजनों के अनुसार दो कारों ने बस को चकमा दिया, जिससे यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में पलट गई। इस हादसे में लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के बाद उन्हें तुरंत बोचहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक इलाज के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य बताई जा रही थी। उन्होंने नाश्ता भी किया था। नाश्ता करने के बाद लक्ष्मी देवी सोने चली गईं, लेकिन फिर नहीं उठीं। परिजनों द्वारा जगाने का प्रयास करने पर भी जब वह नहीं जागीं, तो चिकित्सकों को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कुमार वागीश ने बताया कि महिला का इलाज किया गया था और उनकी स्थिति सामान्य थी। नाश्ते के बाद वह बिस्तर पर लेट गईं और फिर नहीं उठीं। परिजनों ने कुछ घंटों बाद उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं जागीं। चिकित्सक द्वारा जांच करने पर उन्हें मृत पाया गया। इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ ले गए। शव को सरकारी एम्बुलेंस से भेजा गया।


