उत्तर प्रदेश की लखनऊ एटीएस की चार सदस्यीय टीम ने किशनगंज के ठाकुरगंज पुलिस के सहयोग से फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के एक सदस्य अरमान को मुंशीभीट्टा स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी का संबंध मुंशीभीट्टा से है। एटीएस टीम ने आरोपी के दुकान से लैपटॉप, 13 क्लोन थंब, आई और थंब स्केनर, प्रिंटर, मुहर और कई प्रकार के दस्तावेज बरामद किए। एसडीपीओ टू मंगलेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को कांड संख्या 9/2025 के तहत गिरफ्तार किया गया है और एटीएस टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर यूपी रवाना हुई। गिरोह का राष्ट्रीय स्तर पर फैलाव एटीएस टीम ने बताया कि यह गिरोह यूपी, बंगाल और दिल्ली तक फैला हुआ था। 18 अगस्त 2025 को इस गिरोह के खिलाफ एटीएस थाने में मामला दर्ज किया गया था। अब तक यूपी से 10 और बंगाल तथा दिल्ली से कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अरमान ने बंगाल के कोलकाता निवासी अंजार से आधार कार्ड बनाने के लिए आईडी ली और दूसरे की आईडी के सहारे फर्जी आधार कार्ड बनाता था। आरोपी की पूछताछ और धनराशि पुलिस और एटीएस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए 4,500 से 5,000 रुपये वसूलता था।एटीएस टीम को शंका है कि आरोपी ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के नाम और पते का गलत इस्तेमाल करके फर्जी आधार कार्ड बनाए। दस्तावेज और उपकरण बरामद अभियान में आरोपी के दुकान से सैकड़ों दस्तावेज, 13 थंब क्लोन, कई मुहर और अन्य उपकरण बरामद किए गए।जांच अधिकारी बताते हैं कि ये सबूत बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड बनाने की पुष्टि करते हैं और आगे बड़े खुलासे की संभावना है। अन्य संदिग्ध और जांच जारी पोठिया प्रखंड में दो स्थानों पर अतिरिक्त छापेमारी की गई। एक संदिग्ध की दुकान से कोई दस्तावेज नहीं मिला, जबकि दूसरा संदिग्ध अभी फरार है। पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम संदिग्धों की तलाश और अन्य ठिकानों की जांच में जुटी हुई है। एटीएस की टीम गिरफ्तारी में शामिल एटीएस टीम में इंस्पेक्टर भरत भूषण तिवारी, सब इंस्पेक्टर रितेश कुमार सिंह और अन्य दो सदस्य शामिल थे। उत्तर प्रदेश की लखनऊ एटीएस की चार सदस्यीय टीम ने किशनगंज के ठाकुरगंज पुलिस के सहयोग से फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के एक सदस्य अरमान को मुंशीभीट्टा स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी का संबंध मुंशीभीट्टा से है। एटीएस टीम ने आरोपी के दुकान से लैपटॉप, 13 क्लोन थंब, आई और थंब स्केनर, प्रिंटर, मुहर और कई प्रकार के दस्तावेज बरामद किए। एसडीपीओ टू मंगलेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को कांड संख्या 9/2025 के तहत गिरफ्तार किया गया है और एटीएस टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर यूपी रवाना हुई। गिरोह का राष्ट्रीय स्तर पर फैलाव एटीएस टीम ने बताया कि यह गिरोह यूपी, बंगाल और दिल्ली तक फैला हुआ था। 18 अगस्त 2025 को इस गिरोह के खिलाफ एटीएस थाने में मामला दर्ज किया गया था। अब तक यूपी से 10 और बंगाल तथा दिल्ली से कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अरमान ने बंगाल के कोलकाता निवासी अंजार से आधार कार्ड बनाने के लिए आईडी ली और दूसरे की आईडी के सहारे फर्जी आधार कार्ड बनाता था। आरोपी की पूछताछ और धनराशि पुलिस और एटीएस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए 4,500 से 5,000 रुपये वसूलता था।एटीएस टीम को शंका है कि आरोपी ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के नाम और पते का गलत इस्तेमाल करके फर्जी आधार कार्ड बनाए। दस्तावेज और उपकरण बरामद अभियान में आरोपी के दुकान से सैकड़ों दस्तावेज, 13 थंब क्लोन, कई मुहर और अन्य उपकरण बरामद किए गए।जांच अधिकारी बताते हैं कि ये सबूत बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड बनाने की पुष्टि करते हैं और आगे बड़े खुलासे की संभावना है। अन्य संदिग्ध और जांच जारी पोठिया प्रखंड में दो स्थानों पर अतिरिक्त छापेमारी की गई। एक संदिग्ध की दुकान से कोई दस्तावेज नहीं मिला, जबकि दूसरा संदिग्ध अभी फरार है। पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम संदिग्धों की तलाश और अन्य ठिकानों की जांच में जुटी हुई है। एटीएस की टीम गिरफ्तारी में शामिल एटीएस टीम में इंस्पेक्टर भरत भूषण तिवारी, सब इंस्पेक्टर रितेश कुमार सिंह और अन्य दो सदस्य शामिल थे।


