शेखपुरा के कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का विरोध:ग्रामीणों ने ओवरब्रिज की मांग की, मोर्चा ने दिया समर्थन

शेखपुरा के कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास का विरोध:ग्रामीणों ने ओवरब्रिज की मांग की, मोर्चा ने दिया समर्थन

शेखपुरा के सदर प्रखंड के कुसुंभा रेलवे हॉल्ट के समीप स्थित कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को इसी मुद्दे पर कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक रेलवे क्रॉसिंग के पास आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के संयोजक नील मोहन ने की, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में स्पष्ट रूप से अंडरपास निर्माण के बजाय ओवरब्रिज या समपार फाटक की मांग उठाई गई और रेलवे विभाग के रवैये पर सवाल खड़े किए गए। ठिकेदार को अंडरपास निर्माण से रोका मोर्चा के संयोजक नील मोहन ने बताया कि दो दिन पहले रेलवे की ओर से ठेकेदार अंडरपास निर्माण के लिए जेसीबी मशीन लेकर पहुंचा था। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, वे मौके पर जुट गए और अंडरपास के निर्माण का विरोध करते हुए ठेकेदार को काम शुरू नहीं करने दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास बनने से क्षेत्र में जलजमाव, आवाजाही में परेशानी और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी। खासकर बारिश के मौसम में अंडरपास जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों के विरोध के समर्थन में मोर्चा बैठक में मोर्चा ने सर्वसम्मति से ग्रामीणों के विरोध का समर्थन किया। नील मोहन ने कहा कि मोर्चा शुरू से ही कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज की मांग करता रहा है। उन्होंने कहा कि अंडरपास यहां की भौगोलिक स्थिति और ग्रामीणों की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे विभाग बिना स्थानीय लोगों की राय लिए ही अंडरपास थोपने की कोशिश कर रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है। तीन वर्षों से की जा रही है ओवरब्रिज की मांग मोर्चा संयोजक ने बताया कि पिछले 3 सालों से लगातार रेलवे विभाग और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देकर कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग की जा रही है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब अन्य रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं, तो कुसुंभा के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। कहीं ओवरब्रिज और कहीं अंडरपास बनवाना नीतिगत रूप से गलत है। रेलवे और जनप्रतिनिधियों पर लगाया भेदभाव का आरोप बैठक में वक्ताओं ने रेलवे विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई। मोर्चा के नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और रेलवे कार्य को पूरी तरह ठप कर देंगे। कुसुंभा में ट्रेनों के ठहराव की भी उठी मांग इस मौके पर मोर्चा के नेता कमलेश मानव ने कुसुंभा रेलवे हॉल्ट पर नवादा–पटना मेमो और गया–जमालपुर फास्ट पैसेंजर ट्रेन के ठहराव की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि कुसुंभा क्षेत्र की आबादी काफी बड़ी है, लेकिन यहां सीमित ट्रेनों का ही ठहराव है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि यदि इन ट्रेनों का ठहराव दिया जाता है तो छात्रों, मजदूरों और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद बैठक में मोर्चा के नेता कमलेश मानव, डॉ. संतोष कुमार, ईश्वर दयाल कश्यप, कुसुंभा पंचायत के मुखिया संजय पासवान, काशीचक सरपंच संघ के अध्यक्ष दयानंद साव, उमेश ठाकुर, कोसरा पंचायत के मुखिया सुधीर कुमार, अशोक राम, रंजीत शर्मा, शिव कुमार, भोला बिंद, सुरेश शर्मा, विकास कुमार, संदीप बिंद सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। बैठक के अंत में मोर्चा ने एकजुट होकर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। शेखपुरा के सदर प्रखंड के कुसुंभा रेलवे हॉल्ट के समीप स्थित कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को इसी मुद्दे पर कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक रेलवे क्रॉसिंग के पास आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के संयोजक नील मोहन ने की, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में स्पष्ट रूप से अंडरपास निर्माण के बजाय ओवरब्रिज या समपार फाटक की मांग उठाई गई और रेलवे विभाग के रवैये पर सवाल खड़े किए गए। ठिकेदार को अंडरपास निर्माण से रोका मोर्चा के संयोजक नील मोहन ने बताया कि दो दिन पहले रेलवे की ओर से ठेकेदार अंडरपास निर्माण के लिए जेसीबी मशीन लेकर पहुंचा था। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, वे मौके पर जुट गए और अंडरपास के निर्माण का विरोध करते हुए ठेकेदार को काम शुरू नहीं करने दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास बनने से क्षेत्र में जलजमाव, आवाजाही में परेशानी और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी। खासकर बारिश के मौसम में अंडरपास जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों के विरोध के समर्थन में मोर्चा बैठक में मोर्चा ने सर्वसम्मति से ग्रामीणों के विरोध का समर्थन किया। नील मोहन ने कहा कि मोर्चा शुरू से ही कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज की मांग करता रहा है। उन्होंने कहा कि अंडरपास यहां की भौगोलिक स्थिति और ग्रामीणों की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे विभाग बिना स्थानीय लोगों की राय लिए ही अंडरपास थोपने की कोशिश कर रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है। तीन वर्षों से की जा रही है ओवरब्रिज की मांग मोर्चा संयोजक ने बताया कि पिछले 3 सालों से लगातार रेलवे विभाग और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देकर कुसुंभा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग की जा रही है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब अन्य रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं, तो कुसुंभा के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। कहीं ओवरब्रिज और कहीं अंडरपास बनवाना नीतिगत रूप से गलत है। रेलवे और जनप्रतिनिधियों पर लगाया भेदभाव का आरोप बैठक में वक्ताओं ने रेलवे विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई। मोर्चा के नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और रेलवे कार्य को पूरी तरह ठप कर देंगे। कुसुंभा में ट्रेनों के ठहराव की भी उठी मांग इस मौके पर मोर्चा के नेता कमलेश मानव ने कुसुंभा रेलवे हॉल्ट पर नवादा–पटना मेमो और गया–जमालपुर फास्ट पैसेंजर ट्रेन के ठहराव की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि कुसुंभा क्षेत्र की आबादी काफी बड़ी है, लेकिन यहां सीमित ट्रेनों का ही ठहराव है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि यदि इन ट्रेनों का ठहराव दिया जाता है तो छात्रों, मजदूरों और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद बैठक में मोर्चा के नेता कमलेश मानव, डॉ. संतोष कुमार, ईश्वर दयाल कश्यप, कुसुंभा पंचायत के मुखिया संजय पासवान, काशीचक सरपंच संघ के अध्यक्ष दयानंद साव, उमेश ठाकुर, कोसरा पंचायत के मुखिया सुधीर कुमार, अशोक राम, रंजीत शर्मा, शिव कुमार, भोला बिंद, सुरेश शर्मा, विकास कुमार, संदीप बिंद सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। बैठक के अंत में मोर्चा ने एकजुट होकर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।  

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