मधुबनी के सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सक्षम, आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। 48वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जयनगर द्वारा समवाय दूलीपट्टी के माध्यम से डीबी कॉलेज, जयनगर में छह दिवसीय Pre-Recruitment Training (For Selection in Forces) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 48वीं बटालियन के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सीमावर्ती इलाकों के युवा, एसएसबी के अधिकारी-जवान और शिक्षाविद उपस्थित रहे। सीमावर्ती युवाओं में अपार क्षमता : कमांडेंट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं में अपार क्षमता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना निहित है। आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और उचित प्रशिक्षण की है, जिससे उनकी ऊर्जा को राष्ट्र सेवा की दिशा में मोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में चयन केवल शारीरिक क्षमता का परिणाम नहीं होता, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की भी परीक्षा होती है। कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच से मिलेगी सफलता कमांडेंट ने अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक संबोधन में युवाओं से इस प्रशिक्षण को जीवन का एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि जो युवा कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं, वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के हर पहलू को गंभीरता से सीखने और इसका पूर्ण लाभ उठाने का आह्वान किया। 125 युवाओं को मिलेगा वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रशिक्षण छह दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्र के 125 योग्य, ऊर्जावान और अनुशासित युवा भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सशस्त्र बलों की भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा और चिकित्सा परीक्षण से संबंधित सभी मापदंडों की वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक चुनौतियों से अवगत कराते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार करना है। रमा फाउंडेशन के सहयोग से हो रहा संचालन यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रमा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। फाउंडेशन के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा युवाओं को परीक्षा-उन्मुख और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और मानसिक मजबूती पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करना है। शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में डीबी कॉलेज जयनगर के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पासवान, जिला पार्षद अंजली कुमारी, रमा फाउंडेशन के डायरेक्टर दिवेश कुमार पांडे, 48वीं वाहिनी के अधिकारी एवं जवान तथा बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष प्रेरणा और गरिमा प्राप्त हुई। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना कार्यक्रम के अंत में कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने सभी 125 प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में अनेक युवाओं को सशस्त्र बलों में चयन के लिए एक सशक्त आधार प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्र सुरक्षा को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मधुबनी के सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सक्षम, आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। 48वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जयनगर द्वारा समवाय दूलीपट्टी के माध्यम से डीबी कॉलेज, जयनगर में छह दिवसीय Pre-Recruitment Training (For Selection in Forces) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 48वीं बटालियन के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सीमावर्ती इलाकों के युवा, एसएसबी के अधिकारी-जवान और शिक्षाविद उपस्थित रहे। सीमावर्ती युवाओं में अपार क्षमता : कमांडेंट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं में अपार क्षमता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना निहित है। आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और उचित प्रशिक्षण की है, जिससे उनकी ऊर्जा को राष्ट्र सेवा की दिशा में मोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में चयन केवल शारीरिक क्षमता का परिणाम नहीं होता, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की भी परीक्षा होती है। कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच से मिलेगी सफलता कमांडेंट ने अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक संबोधन में युवाओं से इस प्रशिक्षण को जीवन का एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि जो युवा कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं, वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के हर पहलू को गंभीरता से सीखने और इसका पूर्ण लाभ उठाने का आह्वान किया। 125 युवाओं को मिलेगा वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रशिक्षण छह दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्र के 125 योग्य, ऊर्जावान और अनुशासित युवा भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सशस्त्र बलों की भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा और चिकित्सा परीक्षण से संबंधित सभी मापदंडों की वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक चुनौतियों से अवगत कराते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार करना है। रमा फाउंडेशन के सहयोग से हो रहा संचालन यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रमा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। फाउंडेशन के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा युवाओं को परीक्षा-उन्मुख और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और मानसिक मजबूती पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करना है। शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में डीबी कॉलेज जयनगर के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पासवान, जिला पार्षद अंजली कुमारी, रमा फाउंडेशन के डायरेक्टर दिवेश कुमार पांडे, 48वीं वाहिनी के अधिकारी एवं जवान तथा बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष प्रेरणा और गरिमा प्राप्त हुई। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना कार्यक्रम के अंत में कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने सभी 125 प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में अनेक युवाओं को सशस्त्र बलों में चयन के लिए एक सशक्त आधार प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्र सुरक्षा को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


