सहरसा बस स्टैंड में चला नगर निगम का बुलडोजर:लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई, मुख्य रास्ता हुआ मुक्त

सहरसा बस स्टैंड में चला नगर निगम का बुलडोजर:लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई, मुख्य रास्ता हुआ मुक्त

सहरसा शहर के प्रमुख बस स्टैंड परिसर में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण के खिलाफ मंगलवार की शाम सहरसा नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर अभियान चलाया। इस कार्रवाई से बस स्टैंड क्षेत्र में अव्यवस्था फैलाने वाले अवैध कब्जों पर करारा प्रहार हुआ। अभियान का नेतृत्व नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने किया। मौके पर डिप्टी मेयर गुड्डू हयात, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे। कार्रवाई के दौरान बस स्टैंड परिसर में बनी कई अस्थायी दुकानों और अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से बढ़ रही थी परेशानी नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि सहरसा बस स्टैंड क्षेत्र में कई दुकानें और अस्थायी निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे थे। इन अतिक्रमणों के कारण बस स्टैंड परिसर संकरा हो गया था, जिससे यात्रियों, बस चालकों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण बसों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी, वहीं यात्रियों को चढ़ने-उतरने में भी असुविधा हो रही थी। कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती थी। पहले दिया गया था नोटिस, नहीं माने अतिक्रमणकारी नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। उन्हें पर्याप्त समय भी दिया गया, ताकि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा सकें। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब नगर निगम को मजबूर होकर बुलडोजर अभियान चलाना पड़ा। बुलडोजर कार्रवाई में कई अवैध ढांचे ध्वस्त सहरसा में मंगलवार की शाम शुरू हुए इस अभियान के दौरान बुलडोजर की मदद से बस स्टैंड परिसर में बने कई दुकानों और अस्थायी ढांचों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। खुला बस स्टैंड का दूसरा मुख्य रास्ता इस अभियान का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि बस स्टैंड के दूसरे साइड से मुख्य रास्ता पूरी तरह खुल गया, जो लंबे समय से अतिक्रमणकारियों द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया था। अब बस स्टैंड में एक तरफ से प्रवेश और दूसरी तरफ से निकास की व्यवस्था सुचारु रूप से बहाल हो गई है। इससे बस चालकों को बसों के संचालन में सुविधा मिलेगी और यात्रियों को भी सुरक्षित व आसान आवागमन का लाभ मिलेगा। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई का स्थानीय लोगों और यात्रियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटने से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि बस स्टैंड परिसर में सुरक्षा और साफ-सफाई की स्थिति भी बेहतर होगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि नगर निगम आगे भी इसी तरह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करता रहेगा, जिससे शहर की व्यवस्था और सौंदर्य में सुधार हो सके। जनता से सहयोग की अपील अभियान के बाद नगर निगम प्रशासन ने आम जनता से अपील की कि शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुंदर बनाए रखने में सहयोग करें। सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से बचें और यदि कहीं अवैध कब्जा दिखे तो इसकी सूचना नगर निगम को दें। नगर आयुक्त ने कहा कि सहरसा शहर को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। सहरसा शहर के प्रमुख बस स्टैंड परिसर में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण के खिलाफ मंगलवार की शाम सहरसा नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर अभियान चलाया। इस कार्रवाई से बस स्टैंड क्षेत्र में अव्यवस्था फैलाने वाले अवैध कब्जों पर करारा प्रहार हुआ। अभियान का नेतृत्व नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने किया। मौके पर डिप्टी मेयर गुड्डू हयात, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे। कार्रवाई के दौरान बस स्टैंड परिसर में बनी कई अस्थायी दुकानों और अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से बढ़ रही थी परेशानी नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि सहरसा बस स्टैंड क्षेत्र में कई दुकानें और अस्थायी निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे थे। इन अतिक्रमणों के कारण बस स्टैंड परिसर संकरा हो गया था, जिससे यात्रियों, बस चालकों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण बसों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी, वहीं यात्रियों को चढ़ने-उतरने में भी असुविधा हो रही थी। कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती थी। पहले दिया गया था नोटिस, नहीं माने अतिक्रमणकारी नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। उन्हें पर्याप्त समय भी दिया गया, ताकि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा सकें। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब नगर निगम को मजबूर होकर बुलडोजर अभियान चलाना पड़ा। बुलडोजर कार्रवाई में कई अवैध ढांचे ध्वस्त सहरसा में मंगलवार की शाम शुरू हुए इस अभियान के दौरान बुलडोजर की मदद से बस स्टैंड परिसर में बने कई दुकानों और अस्थायी ढांचों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। खुला बस स्टैंड का दूसरा मुख्य रास्ता इस अभियान का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि बस स्टैंड के दूसरे साइड से मुख्य रास्ता पूरी तरह खुल गया, जो लंबे समय से अतिक्रमणकारियों द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया था। अब बस स्टैंड में एक तरफ से प्रवेश और दूसरी तरफ से निकास की व्यवस्था सुचारु रूप से बहाल हो गई है। इससे बस चालकों को बसों के संचालन में सुविधा मिलेगी और यात्रियों को भी सुरक्षित व आसान आवागमन का लाभ मिलेगा। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई का स्थानीय लोगों और यात्रियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटने से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि बस स्टैंड परिसर में सुरक्षा और साफ-सफाई की स्थिति भी बेहतर होगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि नगर निगम आगे भी इसी तरह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करता रहेगा, जिससे शहर की व्यवस्था और सौंदर्य में सुधार हो सके। जनता से सहयोग की अपील अभियान के बाद नगर निगम प्रशासन ने आम जनता से अपील की कि शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुंदर बनाए रखने में सहयोग करें। सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से बचें और यदि कहीं अवैध कब्जा दिखे तो इसकी सूचना नगर निगम को दें। नगर आयुक्त ने कहा कि सहरसा शहर को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।  

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