लखीमपुर में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर शहर की पंजाबी कॉलोनी में लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। कॉलोनी परिसर में महिलाओं और बालिकाओं द्वारा आकर्षक ढंग से लोहड़ी सजाई गई। जलती हुई लोहड़ी के चारों ओर श्रद्धा भाव से परिक्रमा कर लोगों ने पूजन-अर्चन किया और एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने ढोल की थाप पर पारंपरिक भांगड़ा प्रस्तुत कर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। विशेष रूप से हाल ही में विवाह के बाद पहली बार लोहड़ी में शामिल हुए नवविवाहित जोड़ों में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लोहड़ी मुख्य रूप से एक कृषि एवं सांस्कृतिक पर्व है, जो सर्दियों के अंत, रबी फसलों की कटाई के आगमन तथा सूर्य देव और अग्नि देव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर मुगल काल के वीर नायक दुल्ला भट्टी को भी स्मरण किया गया, जिन्होंने अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर गरीबों की सहायता की। यह पर्व समुदाय में एकजुटता, सामाजिक समरसता और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। पर्व के आयोजन में पंजाबी कॉलोनी सहित विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हुए। सभी ने मिलकर अलाव जलाया और समाज में सुख-शांति एवं सौहार्द के लिए सामूहिक अरदास की। कार्यक्रम में बजरंग दल के अध्यक्ष एवं संस्थापक माननीय प्रवीण तोगड़िया जी ने भी सहभागिता कर लोगों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गुरुद्वारा पंजाबी कॉलोनी के प्रधान सरदार रंजीत सिंह छाबड़ा, सेक्रेटरी सरदार त्रिलोचन सिंह छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सरदार त्रिलोचन सिंह (विक्की जुनेजा), सरदार गुरमीत सिंह गुलाटी, सरदार मनदीप सिंह (बाबू छाबड़ा), सरदार हरपाल सिंह खुराना, सरदार गुरजीत सिंह जुनेजा, सरदार अमरपाल सिंह आनंद (मिक्की), सरदार सविंदर सिंह ओबेरॉय सहित अनेक सामाजिक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। देखें लोहड़ी की फोटो…


