शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र के कई प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापकों को मंजीरा, फ्लूट, घुंघरू और ढोलक जैसे वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए। इन वाद्य यंत्रों का उपयोग विद्यालयों में प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत शिक्षण और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा। इससे बच्चों में कला एवं संगीत के प्रति रुचि विकसित हो सकेगी। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संगीत और कला से बच्चों की रचनात्मक क्षमता बढ़ती है, साथ ही पढ़ाई के साथ-साथ उनका मानसिक विकास भी होता है। बीआरसी परिसर में वाद्य यंत्रों के वितरण का कार्य मंगलवार की शाम 4:00 बजे तक जारी रहा। इस दौरान शिक्षा विभाग के कर्मी भी मौजूद रहे और वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। प्रधानाध्यापकों ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यालयों में बच्चों को संगीत से जोड़ने में आसानी होगी और शैक्षणिक वातावरण अधिक जीवंत बनेगा। शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र के कई प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापकों को मंजीरा, फ्लूट, घुंघरू और ढोलक जैसे वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए। इन वाद्य यंत्रों का उपयोग विद्यालयों में प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत शिक्षण और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा। इससे बच्चों में कला एवं संगीत के प्रति रुचि विकसित हो सकेगी। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संगीत और कला से बच्चों की रचनात्मक क्षमता बढ़ती है, साथ ही पढ़ाई के साथ-साथ उनका मानसिक विकास भी होता है। बीआरसी परिसर में वाद्य यंत्रों के वितरण का कार्य मंगलवार की शाम 4:00 बजे तक जारी रहा। इस दौरान शिक्षा विभाग के कर्मी भी मौजूद रहे और वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। प्रधानाध्यापकों ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यालयों में बच्चों को संगीत से जोड़ने में आसानी होगी और शैक्षणिक वातावरण अधिक जीवंत बनेगा।


